रायबरेली। जिले में आंधी-पानी की वजह से बिजली आपूर्ति व्यवस्था पटरी से उतर गई है। बिजली के 300 पोल टूट गए हैं। इससे 400 गांवों की आपूर्ति ठप है। अधिकारियों का दावा है कि आपूर्ति बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। बृहस्पतिवार रात 12 बजे आंधी के चलते शहर इलाके में एक घंटे तक आपूर्ति बाधित रही। ग्रामीण इलाकों में आंधी के कारण बिजली के पोल टूट गए। कहीं पेड़ गिरने से तो कहीं पर स्वयं टूटकर गिर गए।
सलोन प्रतिनिधि के मुताबिक आंधी के कारण क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बेपटरी हो गई है। कस्बे के गनपत गली के समीप लगभग 80 वर्ष पुराना नीम का पेड़ उखड़कर सड़क पर गिर पड़ा। पेड़ गिरने से बिजली के कई तार और खंभे क्षतिग्रस्त हो गए। इससे पूरे नगर की आपूर्ति बाधित हो गई। हजारों उपभोक्ताओं को करीब 12 घंटे तक परेशान होना पड़ा।
कई मोहल्लों में पेयजल संकट खड़ा हो गया। मोबाइल चार्जिंग समेत अन्य जरूरी काम भी प्रभावित रहे। हालांकि शुक्रवार को दोपहर दो बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो गई।
सतांव प्रतिनिधि के मुताबिक आंधी के चलते अटौरा बुजुर्ग उपखंड क्षेत्र में लगभग 30 से अधिक पोल टूट जाने के कारण कई फीडरो की आपूर्ति दोपहर एक बजे तक बहाल नहीं हो सकी। उपखंड अधिकारी पीएस राना ने बताया कि सबसे अधिक नुकसान अटौरा बुजुर्ग उपकेंद्र क्षेत्र में हुआ है। कई स्थानों पर पेड़ो के गिरने से तार समेत बिजली के पोल टूटे हैं। 33 केवी लाइन सही है।
फीडरों की लाइनें सही करने के लिए टीमें काम कर रही हैं। देर शाम तक आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। उपभोक्ता दिनेशलाल, श्याम लोध व अर्जुन गुप्ता ने बताया कि बिजली न आने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
खीरों प्रतिनिधि के मुताबिक आंधी-पानी के कारण बकिया खेड़ा, उदवतपुर, बंगलहन खेड़ा, फिरोजाबाद, देवगांव केतनापुर, गडरियन खेड़ा समेत कई गांवों में बड़ी संख्या में पेड़ गिर गए हैं। इससे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। कई स्थानों पर पेड़ और उसकी टहनियां सड़कों तथा गांवों के संपर्क मार्गों पर गिर गईं, जिससे आवागमन प्रभावित रहा।
इसी तरह गदागंज, ऊंचाहार, दीनशाहगौरा, कठघर उपकेंद्र से जुड़े क्षेत्रों में भी बिजली आपूर्ति ठप है। पावर कॉर्पोरेशन के मुख्य अभियंता रविचंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि आंधी-पानी के चलते जिलेभर में करीब बिजली के 300 पोल टूटे हैं। करीब 400 गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई है। नए पोल लगाकर आपूर्ति बहाल कराने का प्रयास किया जा रहा है।