बछरावां। पड़ीराकला गांव स्थित सरकारी गोशाला में संरक्षित 30 गोवंशों की मौत हो गई। बृहस्पतिवार शाम गोवंशों के अवशेष नाले में मिलने से खलबली मच गई। जानकारी पर हिंदू संगठन के पदाधिकारियों ने पहुंचकर हंगामा करते हुए नारेबाजी की। आरोप लगाया कि गोवंशों की खाल की तस्करी की जा रही थी। ज्यादातर गोवंशों की खाल निकली थी। विरोध-प्रदर्शन करीब दो घंटे तक चला। एसडीएम के समझाने पर लोग शांत हुए।
पुलिस ने गोशाला की देखरेख करने वाले चार केयरटेकरों और गोवंशों की खाल की तस्करी करने वाले एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पड़ारीकला गांव में सरकारी गोशाला है, जिसमें गोवंशों को संरक्षित करने का काम किया जाता है। दोपहर बाद सोशल मीडिया पर गोवंशों के नाले में अवशेष मिलने का वीडियो वायरल हुआ तो बजरंग दल के जिला सहसंयोजक राजू रावत, प्रखंड संयोजक अंशूपाल टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
इस दौरान देखा कि करीब 30 से ज्यादा गोवंशों के अवशेष नाले और गोशाला के अंदर पड़े हैं। ज्यादातर गोवंशों की खाल निकली थी। यह देख सभी हंगामा करने लगे। सभी का आरोप था कि तस्करों से केयरटेकर मिले हुए हैं। तस्कर केयरटेकरों से मिलकर गोवंशों की खाल की तस्करी करते हैं।
विरोध-प्रदर्शन की जानकारी पर एसडीएम महराजगंज गौतम सिंह, सीओ प्रदीप कुमार, प्रभारी बीडीओ बछरावां डिंपल मौके पर पहुंची। सीओ-एसडीएम ने कार्रवाई का भरोसा देकर प्रदर्शन कर रहे हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों को शांत कराया।
केयरटेकरों ने की लापरवाही
एसडीएम गौतम सिंह ने बताया कि गोवंशों के अवशेषों को दफना दिया गया है। गोशाला के केयरटेकरों की लापरवाही सामने आई है। इन्होंने अपने दायित्व का पालन नहीं किया है। कार्रवाई की जाएगी।
पशु क्रूरता के तहत होगी कार्रवाई : सीओ
सीओ महराजगंज ने बताया कि केयरटेकरों समेत करीब पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है। सभी के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्रवाई कराई जाएगी। गोवंशों की मौत के बाद शव दफनाए जाने चाहिए थे। गोवंशों के खाल तस्करी के आरोप की भी जांच कराई जा रही है।