खीरों-सतांव (रायबरेली)। ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने के लिए बलिया जा रहे लोडर सवार श्रमिकों की सुल्तानपुर में ट्रैक्टर से भिड़ंत हो गई। दर्दनाक हादसे में तीन श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि छह घायल हो गए। मरने वालों में दो श्रमिक रायबरेली जिले के, जबकि एक उन्नाव जिले का रहने वाला था। श्रमिकों के मरने की खबर घर पहुंची तो परिवारीजनों में कोहराम मच गया। साथ ही परिवारीजन सुल्तानपुर रवाना हो गए। सुल्तानपुर पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
रायबरेली और उन्नाव जिले के 20 से अधिक श्रमिक ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने के लिए एक लोडर पर सवार होकर बलिया जा रहे थे। बताते हैं कि सुल्तानपुर में ट्रैक्टर से लोडर में भिड़ंत हो गई। हादसे में रायबरेली के खीरों थाना क्षेत्र के चंदिका बख्श खेड़ा मजरे अतरहर निवासी राजेश कुमार (45) पुत्र सत्यनारायण लोध, गुरुबख्शगंज थाना क्षेत्र के पूरे सुजान का पुरवा मजरे बरदर निवासी लक्ष्मन (32) पुत्र केदार और उन्नाव जिले के मौरावां थाना क्षेत्र के नैकहा गांव निवासी रामबुज (35) पुत्र रामसुंदर की मौत हो गई।
वहीं हादसे में खीरों थाना क्षेत्र के ही चंदिका बख्श खेड़ा गांव निवासी रामबिलास, लालपुर मजरे बरौंडी निवासी धनंजय व गणेश, रनापुर निवासी लल्लन, उन्नाव के मौरावां थाना के बहूतिया गांव निवासी बुद्धिलाल समेत छह लोग घायल हो गए। श्रमिकों की मौत की खबर गांव पहुंची तो परिवारीजनों में कोहराम मच गया। मृतक राजेश अपने गांव के चार लोगों के साथ ही लगभग 20 से ज्यादा लोगों के साथ रनापुर गांव निवासी मिस्त्री लल्लन के साथ ईंट भट्ठे पर काम करने निकला था। सभी लोग उन्नाव के बारासगवर थाना क्षेत्र के भगवानदास खेड़ा गांव के लोडर से बलिया में भट्ठे पर मजदूरी करने जा रहे थे, तभी ये हादसा हुआ।
चंदिका बख्श खेड़ा निवासी मृतक राजेश कुमार के बचपन में ही उसके पिता की मौत हो गई थी। राजेश ही मजदूरी करके परिवार चलाता था। वह गांव के रामबाबू, राम विलास, रमेश कुमार, संतू के साथ शुक्रवार शाम पांच बजे घर से बलिया में ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने निकला था। तभी मार्ग दुर्घटना में मौत का शिकार हो गया। उसकी मौत की खबर गांव पहुंचते ही मां रजाना, पत्नी रानी, पुत्री आशा, ऊषा, पुत्र सत्यम के आंसू नहीं थम रहे हैं और सभी का यही कहना है कि अब घर की गृहस्थी कैसे चलेगी। राजेश की मौत की सूचना के बाद पत्नी रानी व पुत्र सत्यम शव लाने के लिए सुल्तानपुर रवाना हो गए।
गुरुबख्शगंज थाना क्षेत्र के पूरे सुजान मजरे बरदर निवासी लक्ष्मन (32) पुत्र केदार की मौत की सूचना गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया। पिता केदार के चार पुत्र राजाराम, पुत्तन लाल, अयोध्या व लक्ष्मन थे। लक्ष्मन सबसे छोटा था। वह भट्ठे पर मजदूरी करके परिवार चलाने में सहयोग करता था। घटना की सूचना के बाद परिवारीजन शव लाने के लिए सुल्तानपुर रवाना हो गए। सभी का कहना है कि लक्ष्मन तो ठीकठाक घर से निकला था, ये कैसे हो गया। परिवारीजन रह-रहकर रो पड़ते हैं। परिवारीजन ही नहीं, ग्रामीण भी इस घटना से गमगीन हैं। पीड़ित परिवार के घर पर नाते-रिश्तेदारों का आना-जाना लगा है।