गरीब परिवार से जुड़ी बेटियों के हाथों में मेहंदी रची। वहीं उनके हमसफर गाजे-बाजे के साथ विवाह रचाने के लिए मंगलवार को बारात लेकर पहुंचे।
अलग-अलग संगठनों की ओर से हुए विवाह समारोह में धूमधाम से 27 कन्याओं का विवाह हुआ। वहीं परिवारीजनों ने लाडो बिटिया को विदा किया तो सबकी आंखों में आंसू छलक आए।
इस दौरान सभी को खूब उपहार देकर विदा किया गया। सुबह वैश्य एकता कल्याण समिति की ओर से विवाह समारोह हुआ। पहली बार 16 कन्याओं के हाथ पीले करने का बीड़ा पदाधिकारियों ने उठाया।
बेलीगंज स्थित होटल से अलग-अलग कार पर सवार होकर 16 दूल्हे बारात लेकर लॉन में पहुंचे। यहां पर दुल्हनों के परिवारीजनों ने स्वागत किया।
महादेव गुप्ता, पंकज मुरारका, पंकज द्विवेदी, अजय गुप्ता आदि की देखरेख में विवाह हुआ। इस मौके पर नीलम गुप्ता, अनुराधा चौरसिया, गायत्री कसौंधन, ममता आदि मौजूद रहे।
उधर रात में मां भगवती पूजा समिति की ओर से गांधी धर्मशाला से बारात निकाली। इसमें 11 दूल्हे रथ पर सवार होकर बेलीगंज फाटक स्थित विवाह स्थल पर पहुंचे।
जगत नारायण अग्रवाल, महेंद्र अग्रवाल, प्रेमनाथ गुप्ता, संदीप जैन आदि की अगुवाई में बारातियों का जोरदार स्वागत किया गया। इसके बाद वैदिक रीति से विवाह हुआ।
इस दौरान बारातियों ने खूब डांस किया। वहीं आगवानी के दौरान आतिशबाजी हुई। रथ की सजावट देखने के लिए लोगों का जमावड़ा रहा।
शादी समारोह के सजीव प्रसारण के लिए टीवी स्क्रीन लगाई गई थी। समारोह को देखने के लिए लोगों में होड़ मची रही। आखिर में विवाह के बाद नम आंखों से गृहस्थी का सामान देकर विदा किया गया।