रायबरेली। दवाओं के अवैध कारोबार से रायबरेली अछूता नहीं है। बिना दवा की आपूर्ति किए छोटे व्यापारियों के लाइसेंस नंबर पर फर्जी बिलिंग का खेल लंबे समय से चल रहा है। दवा एजेंसियों के सहारे बिहार और बांग्लादेश तक भेजी गई कोडीनयुक्त कफ सिरप की 26 हजार शीशियों का अब तक कुछ भी पता नहीं लग सका है। इसके लिए दवा की तीन एजेंसियों के लाइसेंस तो निरस्त कर दिए गए, लेकिन ड्रग इंस्पेक्टर सिरप का सुराग लगाने में नाकाम पूरी तरह नाकाम रहे हैं।
इस संबंध में ड्रग इंस्पेक्टर अरविंद कुमार का कहना है कि कफ सिरप के पकड़ में आए मामलों की जांच चल रही है। संबंधित एजेंसियों के खिलाफ पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। पिछले साल भी लखनऊ से सिरप परचेज कर उन्नाव सहित अन्य जनपदों में बंद दुकानों को बेच दी थी। कारोबारियों के खिलाफ एफआईआर के बाद जांच अब तक पूरी नहीं हो सकी है। वर्ष 2023 में जौनपुर जिले में नारकोटिक्स ब्यूरो की कार्रवाई में गोरखधंधा पकड़ में आया था। तब जिले की तीन एजेंसियों के माध्यम से बिहार के साथ ही बांग्लादेश तक सिरप की आपूर्ति का मामला सामने आया था। इसके बाद भी जिले के गोंदवारा के शिव एजेंसी, मिलएरिया क्षेत्र के आकाश एजेंसी और गोराबाजार स्थित रिया मेडिकल एजेंसियों के माध्यम से सिरप की आपूर्ति की गई थी। (संवाद)