रायबरेली। सिंचाई विभाग की माइनरों और रजबहों की पटरियों पर बनी सड़कें बदहाल हैं। इससे करीब 50 हजार लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। शासन ने 10 नवंबर तक खराब सड़कों को दुरुस्त कराने का निर्देश दिया है, लेकिन विभाग में अब तक टेंडर प्रक्रिया ही पूरी नहीं हो सकी है। ऐसे में तय समय पर मरम्मत पूरी होने पर सवाल उठ रहे हैं।
जिले में महेरी माइनर, शेरंदाजपुर माइनर, भीख रजबहा, ऊंचाहार रजबहा, लोधवारी रजबहा और बरवारीपुर रजबहा समेत 26 नहरों की पटरियों पर पक्की सड़कें बनी हैं। कई साल से मरम्मत नहीं होने के कारण इन पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं और डामर उखड़ गया है। सड़कों की बदहाली दूर करने के लिए तीन करोड़ रुपये की जरूरत है। शासन से मंजूरी मिलने के बावजूद काम शुरू नहीं हुआ है।
ऊंचाहार के समशेर सिंह, जगतपुर के राकेश सिंह और गदागंज के रामसिंह यादव ने बताया कि गड्ढों के कारण आवागमन में परेशानी होती है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता बृजेश कुमार मौर्य ने बताया कि मरम्मत के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है। जल्द काम शुरू कराया जाएगा।