रायबरेली। कुत्तों के साथ ही बंदरों का आतंक भी जिले में बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को अलग-अलग इलाकों में 25 से अधिक लोगों को कुत्ते व बंदरों ने काटकर जख्मी कर दिया। एक-एक करके जिला अस्पताल पहुंचे लोगों को डॉक्टरों ने एआरवी (एंटी रेबीज वैक्सीन) की पहली डोज दी। नए व पुराने लोगों को मिलाकर करीब 128 लोग इंजेक्शन कक्ष में एआरवी लगवाने पहुंचे।
मंगलवार को जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सौरभ शर्मा की ओपीडी में 25 नए मरीज एआरवी लगवाने के लिए पहुंचे। इसमें नमो प्रताप (3), शिवांश (3), इमू (7), अक्षय (9), सेजल (10), प्रिंस (6), सोनाली (28), नीलम (40), आयुष (6), इमरान (23), हरिशंकर (62) कुत्ते और बंदरों के हमले में जख्मी होने के बाद सुई लगवाने अस्पताल पहुंचे। भीड़ अधिक होने के कारण लोगों को एआरवी लगवाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा।
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सौरभ शर्मा ने बताया कि कुत्ते के साथ बंदरों की चपेट में बच्चे भी आ रहे हैं। मरीज को 72 घंटे के भीतर वैक्सीन की डोज अवश्य ले लेना चाहिए। कुत्ता काटने वाले स्थान को कम से कम 10 से 15 मिनट तक साबुन या डिटॉल से अच्छे से धोकर साफ जरूर कर लें। उसके तुरंत बाद रेबीज की वैक्सीन लगवानी चाहिए। मौसम में बदलाव के कारण कुत्ते हिंसक व आक्रामक होने लगे हैं। इनसे बचकर रहना चाहिए।