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केंद्रीय टीम ने खंगाली एम्स में खामियां, बीपी की जांच कराई

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रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में सोमवार को मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ के निदेशक जितेंद्र अरोड़ा की टीम ओपीडी में खामियां खंगालने के लिए पहुंची। ओपीडी कक्षों में पंजीयन काउंटर पर पहुंचकर काम देखा। यहां तक कि ब्लड प्रेशर (बीपी) मशीन की गुणवत्ता को देखने के लिए खुद ही बीपी की जांच कराई। फॉल्स सीलिंग टूटी देख टीम भड़क उठी और नाराजगी जताते हुए उसे तत्काल दुरुस्त कराने के आदेश दिए। साथ ही ओपीडी भवन के मुख्य गेट पर लगे बोर्ड को भी और बेहतर करने के निर्देश दिए।
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मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ के निदेशक जितेंद्र अरोड़ा और पीजीआई ऋषिकेश के अधीक्षक (यांत्रिक) एसबी पांडेय के नेतृत्व में करीब पौने 11 बजे टीम एम्स पहुंची। प्रशासनिक अधिकारी के कक्ष में बैठकर ओपीडी व उसके संसाधनों के बारे में जानकारी ली। इसके बाद टीम ने पैथालॉजी में खामियां खंगालीं। यहां बिजली की समस्या से काम प्रभावित होने की बात सामने आई। कई और कमियाें को भी देखा। दंत विभाग में व्यवस्था देखने के बाद ब्लड प्रेशर मशीन की जांच के लिए डायरेक्टर ने स्वयं अपना बीपी चेक कराया। पंजीयन काउंटर पर पंजीयन की स्थिति जांची।

मेडिसिन विभाग के पास फॉल्स सीलिंग टूटी देख टीम ने नाराजगी जताई और उसे दुरुस्त कराने के आदेश दिए। बाउंड्री बनवाने के लिए भी कहा। निदेशक जितेंद्र अरोड़ा ने बताया कि ओपीडी शुरू करा दी गई है। धीरे-धीरे सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। जो भी कमियां मिली हैं, उन्हें दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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आज आ सकते हैं पीजीआई चंडीगढ़ के निदेशक
एम्स में ओपीडी शुरू होने के बाद पहली बार पीजीआई चंडीगढ़ के निर्देश प्रो. जगतराव मंगलवार को यहां आ सकते हैं। निदेशक के कार्यक्रम को देखते हुए दिनभर यहां व्यवस्था को दुरुस्त किया गया। अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार का कहना है कि पीजीआई चंडीगढ़ के निदेशक मंगलवार को ओपीडी का निरीक्षण कर सकते हैं।

भटकते रहे रोगी, नहीं हो सका इलाज
सुल्तानपुर जिले के संजीव सुबह 10 बजे आ गए थे, लेकिन टोकन न मिल पाने से इलाज नहीं करा सके। उन्होंने अधिकारियों से भी गुहार लगाई, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। इसी तरह और तमाम लोग भी बिना इलाज के ही मायूस लौट गए। यहां ओपीडी तो शुरू करा दी गई है, लेकिन दूर व गैर जिलों से आने वाले रोगियों के इलाज के लिए समुचित व्यवस्था अब तक नहीं की जा सकी है।
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