खीरों (रायबरेली)। थाना परिसर में शनिवार को समाधान दिवस घमासान दिवस बन गया। सीओ, एसडीएम की मौजूदगी में भाजपाइयों के दो गुटों के बीच गाली-गलौज हो गई।
दोनों पक्षों के बीच हाथापाई की नौबत आई। एक गुट विधायक तो दूसरा गुट संगठन को बड़ा बता रहा था। विधायक का नाम बार-बार लिए जाने पर दोनों पक्षों के बीच जमकर तकरार हुई।
भाजपाइयों का मामला होने के कारण अधिकारी और पुलिस वाले भी तमाशाई बने रहे। बवाल बढ़ने पर लोगों के समझाने-बुझाने पर मामला तो शांत हुआ, लेकिन अंदर ही अंदर दोनों गुटों के बीच खींचतान बनी हुई है।
खीरों थाने में शनिवार को एसडीएम लालगंज राकेश गुप्ता और सीओ आरपी शाही, एसओ अतुल सिंह की मौजूदगी में समाधान दिवस और बकरीद को देखते हुए पीस कमेटी की बैठक चल रही थी।
इस दौरान एसडीएम लालगंज राकेश गुप्ता ने एक विधायक के बारे में चर्चा की। भाजपा के कोऑपरेटिव बैंक के निदेशक फतेह बहादुर सिंह उर्फ फत्ते सिंह ने यह कहते हुए विरोध किया कि विधायक से बड़ा भाजपा का संगठन है।
इस पर फत्ते सिंह व विधायक समर्थक अमरनाथ सिंह उर्फ धुन्नी सिंह और उनके समर्थकों में गालीगलौज के साथ कहासुनी होने लगी। थानाध्यक्ष अतुल कुमार सिंह ने मामले को शांत कराया। मामला शांत होने के बाद एसडीएम व सीओ बैठक समाप्त कर चले गए।
संगठन के लोगों को नजरदांज किया जाना गलत
भाजपा के कोऑपरेटिव बैंक के डायरेक्टर फतेह बहादुर सिंह ने बताया कि विधायक के आगे संगठन के लोगों को नजरंदाज किया जाना गलत है। मैंने उपजिलाधिकारी लालगंज से विरोध दर्ज कराया था, जिसको लेकर धुन्नी सिंह बहस और गाली-गलौजकरने लगे।
विधायक के बारे में कोई बात नहीं बर्दाश्त
पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रतिमा सिंह के पति अमरनाथ उर्फ धुन्नी सिंह ने बताया कि फतेह बहादुर सिंह लगातार विधायक के प्रति गलत बयानबाजी कर रहे थे। मैंने इसका विरोध किया तो वह देख लेने की धमकी देते हुए लड़ाई करने लगे।