किताबों में देखकर बच्चों ने दी परीक्षा
रायबरेली। बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक विद्यालय तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय में द्वितीय सत्र की परीक्षा बुधवार को शुरू हुई, लेकिन ज्यादातर स्कूलों में परीक्षा के नाम पर महज खानापूरी हुई। विद्यालयों में बच्चे समूह में किताब देखकर परीक्षा देते नजर आए। छमाही परीक्षा में पूरी तरह से खानापूरी की गई। अफसरों ने भी निरीक्षण करने की जहमत नहीं उठाई, जिससे शिक्षक मनमानी करते नजर आए।
तय परीक्षा कार्यक्रम के तहत बुधवार को पहले दिन कक्षा एक की हिंदी मौखिक, कक्षा दो की प्रथम पाली में हिंदी लिखित, द्वितीय पाली में हिंदी मौखिक, कक्षा तीन, चार एवं पांच की प्रथम पाली में हिंदी लिखित एवं मौखिक, द्वितीय पाली में संस्कृत व उर्दू की लिखित व मौखिक, कक्षा छह, सात एवं आठ की प्रथम पाली में हिंदी, द्वितीय पाली में संस्कृत व उर्दू की परीक्षा कराई गई।
जिले के लगभग 2500 विद्यालयों में तकरीबन ढाई लाख बच्चों को परीक्षा देनी थी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा में अनुपस्थित छात्र-छात्राओं के बारे में अभी जानकारी उपलब्ध नहीं हो पाई है। खंड शिक्षा अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। अभी तक किसी भी स्कूल में नकल कराए जाने की रिपोर्ट किसी भी खंड शिक्षा अधिकारी ने नहीं दी है। यदि कहीं भी मामला प्रकाश में आया तो लापरवाह प्रधानाध्यापकों पर कार्रवाई की जाएगी।
टली परीक्षा, अब 1, 2 जनवरी को होगी
ठंड को देखते हुए कक्षा एक से आठ तक के सभी स्कूलों में 28 से 30 दिसंबर तक अवकाश घोषित कर दिया गया है। इस वजह से 28 एवं 29 दिसंबर को होने वाली द्वितीय सत्र की परीक्षा भी टल गई है। खंड शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) वीरेंद्र कनौजिया ने बताया कि अब दोनों दिन की परीक्षा स्कूल खुलने पर कराई जाएगी, यानी 1 और 2 जनवरी को परीक्षा होगी।
ब्लैकबोर्ड पर लिख कर कराई नकल
रोहनिया (रायबरेली)। ब्लॉक में प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों में अव्यवस्थाओं के बीच परीक्षा शुरू हुई। कहीं व्यवस्था चाक-चौबंद मिली तो कहीं बच्चे नकल करते और अध्यापक धूप सेकते नजर आए। एक विद्यालय में बच्चे ब्लैकबोर्ड से नकल करतेे मिले। बच्चों को जमकर नकल कराई गई। प्राथमिक विद्यालय इटौरा बुजुर्ग में कुल 147 बच्चों का नामांकन है, जिसमें 131 बच्चे परीक्षा में उपस्थित हुए। अध्यापक बाहर धूप में बैठकर बाते करते रहे और समूह में बैठे बच्चे नकल कर रहे थे। अंदर कमरे में बैठे बच्चों को श्यामपट्ट पर लिख कर नकल कर आए जा रही थी। प्रधानाध्यापक जयशंकर अग्निहोत्री ने सफाई दी कि ब्लैकबोर्ड पर लिखकर बच्चों को होमवर्क दिया जा रहा था। पूर्व माध्यमिक विद्यालय इटौरा बुजुर्ग में 107 बच्चों में 93 बच्चे परीक्षा में सम्मिलित हुए। बच्चे लाइन में बैठकर परीक्षा देते नजर आए। प्रधानाध्यापक रामनरेश मौजूद नहीं थे। अध्यापकों ने बताया कि वह किसी काम से ब्लॉक संसाधन केंद्र गए हुए हैं। प्राथमिक विद्यालय लक्ष्मीगंज में बच्चे इधर उधर घूमते नजर आए। प्राथमिक विद्यालय दुनिया में परीक्षा सुचारु रूप से कराई गई। खंड शिक्षा अधिकारी सियाराम चौरसिया ने बताया कि सभी प्रधानाध्यापकों को नकलविहीन परीक्षा कराने के निर्देश दिए गए हैं। शांतिपूर्ण परीक्षा कराना पहली प्राथमिकता है। कहीं नकल होती मिलेगी तो प्रधानाध्यापक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बीईओ के निरीक्षण में खुली परीक्षा की पोल
ऊंचाहार (रायबरेली)। परिषदीय विद्यालयों की परीक्षा की पोल उस समय खुल गई, जब खंड शिक्षा अधिकारी ने स्कूलों का निरीक्षण किया। खंड शिक्षा अधिकारी अनिल त्रिपाठी ने स्कूलों का निरीक्षण किया तो ज्यादातर स्थानों पर बच्चों की संख्या बहुत कम रही। प्राथमिक विद्यालय सवैया हसन में 75 बच्चों के सापेक्ष 30 बच्चे, प्राथमिक विद्यालय भटहरी में 160 बच्चों के सापेक्ष 138 बच्चे, प्राथमिक विद्यालय सराय तुला में 98 बच्चों के सापेक्ष 93 बच्चे, प्राथमिक विद्यालय सरबहदा में 90 बच्चों के सापेक्ष 60 बच्चे, पूर्व माध्यमिक विद्यालय सरबहदा में 38 बच्चों के सापेक्ष सिर्फ 13 बच्चे ही परीक्षा में शामिल हुए। बीईओ ने स्कूलों के प्रभारी अध्यापकों से जवाब तलब किया है। उधर, जगतपुर ब्लाक क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय रोझइया भीखम शाह में परीक्षा कराई गई। दीपक कुमार ने बताया कि 195 में से 159 बच्चे परीक्षा में शामिल हुए।