सरकारी विभागों को भी देना होगा जीएसटी
रायबरेली। कलेक्ट्रेट के बचत भवन में गुरुवार को जीएसटी को लेकर आयोजित कार्यशाला में विभिन्न विभागों के आहरण और वितरण अधिकारियों को विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यशाला में सरकारी विभागों, सरकारी एजेंसियों एवं स्थानीय निकायों की ओर से 2.5 लाख से अधिक के क्रय आदेश पर दिए जाने वाले भुगतान पर जीएसटी कटौती के बारे में बताया गया।
सहायक आयुक्त वाणिज्य कर/प्रभारी अधिकारी जीएसटी अशोक कुमार सिंह ने सभी विभागों के आहरण-वितरण अधिकारियों एवं लेखाकारों को बताया कि जिन विभागों को माल सप्लाई करनी है, उन्हें आयकर विभाग से छह नंबर प्राप्त करना होगा। इसी नंबर से जीएसटी विभाग की ओर से यूआईडी दिया जाएगा, जिस पर कटौती कर जमा करना होगा। जो विभाग सप्लाई प्राप्त करने के साथ-साथ सप्लाई देने (खरीद-बिक्री दोनों का कार्य करते हैं) उन विभागों को अपने कार्यालय के नाम से आयकर विभाग से जीएसटीएन लेना होगा। इस जीएसटीएन पर मासिक रिटर्न जीएसटी आर-1 जीएसटी आर-2 व जीएसटी आर-3 दाखिल करना होगा।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक माह के प्रथम 10 दिन (01 से 10 तारीख तक) की गई कटौती संबंधित जीएसटी के हेड में जमा करनी होगी। प्रत्येक निविदा प्राप्त करने वाले व्यापारी को अनिवार्य रूप से पंजीकृत होना होगा। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम 2017 की धारा-51 के तहत विभाग को प्राप्त होने वाली सप्लाई के क्रम में 02 प्रतिशत की दर से जीएसटी स्रोत पर कटौती की जाएगी, लेकिन महामहिम राज्यपाल द्वारा अभी धारा-51 को अनुमति प्रदान नहीं की गई है। इसलिए वर्तमान समय में अग्रिम आदेशों तक जीएसटी की कोई कटौती नहीं की जाएगी। इस मौके पर सभी विभागों के आहरण और वितरण अधिकारियों के साथ लेखाकार भी मौजूद रहे।