एक कोर्ट के पेशकार की हालत बिगड़ी, जज हुए बेहोश
रायबरेली। दीवानी कचहरी में एक कोर्ट के कार्यवाहक पेशकार को गत दिवस कस्टडी में लिए जाने का मामला शुक्रवार को और गरमा गया। साथी के मामले को लेकर जहां कर्मचारियों ने बांह में काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। वहीं समर्थन में उतरे अधिवक्ताओं ने नाराजगी जताते हुए नारेबाजी की। कुछ लोगों ने एक कक्ष में तोड़फोड़ की और जमकर हंगामा किया।
इसी बीच पेशकार भगवानदास की कोर्ट में हालत बिगड़ गई। आनन-फानन वकीलों व कर्मचारियों ने पेशकार को जिला अस्पताल पहुंचाया। इससे वकीलों और कर्मचारियों का गुस्सा और बढ़ गया। थोड़ी देर बाद अपर जिला जज मनोज कुमार शुक्ला के बेहोश होने की सूचना मिली तो जिला जज केके शर्मा के अलावा अन्य न्यायिक अधिकारी व एसपी शिव हरी मीणा के अलावा भारी संख्या में पुलिस बल पहुंच गया। डॉक्टरों की टीम भी मौके पर पहुंची और तत्काल अपर जिला जज को जिला अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया गया। इस मामले को लेकर अदालती कामकाज प्रभावित हुआ। विवाद के मद्देनजर कुछ ही देर में कचहरी छावनी में तब्दील हो गई।
गौरतलब है कि 20 जुलाई को एक एडीजे ने कार्यवाहक पेशकार फैयाजुल हसन व गवाह गोवर्धन को कस्टडी में लेते हुए उन्हें सीजेएम कोर्ट में पेश करने व उनके खिलाफ परिवाद दाखिल करने का आदेश दिया था। हालांकि बाद में सीजेएम ने दोनों को जमानत दे दी थी। इसी घटना को लेकर दीवानी कचहरी के कर्मचारियों ने शुक्रवार सुबह विरोध स्वरूप काली पट्टी बांधकर अपना कार्य शुरू किया। इसी दौरान कार्यवाहक पेशकार के खिलाफ कार्रवाई से नाराज कई वकील कोर्ट के सामने एकत्र हो गए और नारेबाजी करने लगे। देखते ही देखते काफी संख्या में वकील, वादकारी आ गए। इसी बीच कुछ लोगों ने एक कक्ष में तोड़फोड़ कर दी। करीब एक घंटे तक दीवानी कचहरी परिसर में अफरातफरी मची रही। अदालती कामकाज प्रभावित रहा।
आज न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे अधिवक्ता
सेंट्रलबार एसोसिएशन की आमसभा बार के लाइब्रेरी भवन में हुई। इसमें सर्वसम्मति से 22 जुलाई को न्यायिक कार्य से विरत रहने व अपर जिला जज के स्थानांतरण होने तक उनकी अदालत का बहिष्कार करने का निर्णय लिया। बार के अध्यक्ष लक्ष्मीशंकर वाजपेयी, महामंत्री लाल आशकिरन प्रताप सिंह ने बताया कि 22 जुलाई को वे इलाहाबाद उच्च न्यायालय जाकर जिले के प्रशासनिक न्यायाधीश से मिलकर उनको सारी स्थिति से अवगत कराएंगे।