पंचशील महाविद्यालय के प्रबंधक और उनकी पत्नी पर केस
रायबरेली। ऊंचाहार थाना क्षेत्र के बाबा का पुरवा मजरे इटौरा बुजुर्ग स्थित रामजानकी मंदिर बाबा के महंत स्वामी प्रेमदास की हत्या का मामला चार माह बाद भी तूल पकड़ रहा है।
अब पंचशील महाविद्यालय के प्रबंधक और उनकी पत्नी की ओर से प्रेमदास की समाधि के पास बाउंड्रीवाल बनवाने का प्रयास और विरोध करने पर धमकाने का मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस का दावा है कि केस दर्ज करने के बाद बाउंड्रीवाल बनवाने के कार्य को रोक दिया गया है। जांच के बाद प्रकरण में कार्रवाई होगी। इसी साल 01 जनवरी को ऊंचाहार थाना क्षेत्र के बाबा का पुरवा मजरे इटौरा बुजुर्ग में रामजानकी मंदिर के महंत स्वामी प्रेमदास की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। उनका शव फांसी से लटकता पाया गया था।
बाद में इस मामले में हत्या का केस दर्ज किया गया था। आरोप लगाया गया था कि पंचशील के प्रबंधक ने मंदिर की जमीन पर कब्जा कर लिया था। मंदिर की जमीन पर बाउंड्रीवाल बना ली थी। प्रेमदास की हत्या के बाद बाउंड्रीवाल को तोड़कर वहीं पर बाबा समाधि बना दी गई थी।
अब सलोन कोतवाली क्षेत्र के चेरशाह निवासी आशीष तिवारी ने ऊंचाहार थाने में लिखाई गई एफआईआर में कहा है कि 4 मई को बीएन मौर्य और उनकी पत्नी सत्यभामा चार ट्रक ों में मौरंग लादकर पहुंचे और अपने आदमियों से कहा कि बाबा प्रेमदास की समाधि को ढहा दो और फिर से यहां पर बाउंड्रीवाल बनवा दो।
विरोध करने पर कहा कि यहां से भाग जाओ, वरना तुम्हारा भी प्रेमदास की तरह हाल कर देंगे। ऊंचाहार थानेदार बृजमोहन सिंह का कहना है कि एनटीपीसी रोड ऊंचाहार रेल क्रॉसिंग निवासी पंचशील महाविद्यालय के प्रबंधक बीएन मौर्या और उनकी पत्नी सत्यभामा मौर्या के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
मौरंग लेकर पहुंचने वाले ट्रकों का चालान किया गया है। साथ ही ट्रक चालकों का भी 151 में चालान भी किया गया। सीओ डलमऊ विनीत सिंह ने बताया कि शांति व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। मौके पर बाउंड्रीवाल का निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। प्रबंधक और उनकी पत्नी के खिलाफ केस दर्ज करा दिया गया है। मामले में सख्त कार्रवाई होगी।