रायबरेली। रायबरेली-टांडा हाईवे (एनएच-232) से अछूता रहे रायबरेली शहर और अमेठी जिले के गौरीगंज और जायस कस्बे में हाईवे का निर्माण कराया जाएगा।
यहां निर्माण के लिए 13 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पहले इन कस्बों को हाईवे में शामिल नहीं किया गया था। इससे इन स्थानों पर चौड़ीकरण और हाईवे बनाने का कार्य अधूरा था। हाईवे का निर्माण होने पर कस्बे के व्यापारियों, नागरिकों के अलावा 50 हजार से ज्यादा लोगों को सहूलियत मिलेगी।
रायबरेली-टांडा हाईवे का प्रोजेक्ट 2014 में बना था। करीब 700 करोड़ की लागत से निर्माण का प्रस्ताव किया गया था। उस पर अभी काम चल रहा है।
उस समय रायबरेली शहर, अमेठी जिले के जायस कस्बा और गौरीगंज कस्बे को शामिल नहीं किया गया था लेकिन अब इन कस्बों को प्रोजेक्ट में शामिल कर लिया गया है।
इसके लिए एनएचएआई को 13 करोड़ रुपये अतिरिक्त दिया गया है। छूटे हुए भागों को चौड़ा करने व ऊंचा करने का कार्य एचएस बिल्डर को दिया गया है।
इन कस्बे में जहां-जहां नाली नहीं बनी है, वहां आरसीसी की पक्की नाली दोनों तरफ बनाई जाएगी। जहां हाईवे नीचा है, वहां फीलिंग करके ऊंचा किया जाएगा।
साथ-साथ दो लेयर बिट्यूमिनोस कंकरीट की डाली जाएंगी जिससे हाईवे ज्यादा दिन तक चले और जल्दी रिपेयर ना करना पड़े। एचएस बिल्डर के प्रतिनिधि ने साइट पर सर्वे व मार्किंग का काम आरंभ कर दिया है।
कहां कितने किलोमीटर बनेगा हाईवे
रायबरेली शहर में आईटीआई के पास से शारदा सहायक नहर तक करीब एक किलोमीटर, इसी तरह जायस कस्बे में करीब ढाई किलोमीटर हाईवे का निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा गौरीगंज में तीन किलोमीटर हाईवे का निर्माण होगा। साथ ही साथ चौड़ीकरण भी किया जाएगा।
एनएच 232 में गौरीगंज, जायस, रायबरेली शहर को शामिल करने के लिए मुख्यालय से अनुमोदन प्राप्त हो गया है। यहां जल्द निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। एक साथ पूरा हाईवे बनने से लोगों को आने-जाने में सहूलियत मिलेगी। साथ-साथ कस्बे के व्यापारियों और नागरिकों को भी लाभ मिलेगा।
-अब्दुल बासिद, परियोजना निदेशक, एनएचएआई