रायबरेली। बेसिक शिक्षा परिषद से संचालित विद्यालयों में स्कूल अवधि के दौरान नदारद रहना हेडमास्टर समेत 10 अध्यापकों और शिक्षामित्रों को महंगा पड़ गया। इसमें एक हेडमास्टर, एक प्रभारी प्रधानाध्यापक, छह सहायक अध्यापक और दो शिक्षामित्र शामिल हैं, जिनका वेतन और मानदेय अग्रिम आदेशों तक के लिए रोक दिया गया।
संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों की निरीक्षण आख्या पर बीएसए पीएन सिंह ने वेतन और मानदेय रोकने का आदेश जारी किया। सभी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। यदि संतोषजनक उत्तर नहीं दिया तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।
खीरों के खंड शिक्षा अधिकारी रवि कुमार ने 13 दिसंबर को सुबह 9.45 बजे निरीक्षण किया तो प्राथमिक विद्यालय डिहवा राजूनगर बंद मिला था और बच्चे बाहर खेल रहे थे। बीईओ की रिपोर्ट पर बीएसए ने इस विद्यालय के हेडमास्टर अमित कुमार वाजपेयी, सहायक अध्यापक एकता कटियार का वेतन और शिक्षा मित्र मनीषा सिंह का मानदेय रोकने का आदेश दिया।
शिवगढ़ के बीईओ राम ललित की निरीक्षण आख्या पर बीएसए ने प्राथमिक विद्यालय कसना की इंचार्ज हेडमास्टर सत्यभामा का वेतन रोक दिया। वह 28 दिसंबर को निरीक्षण के दौरान गैरहाजिर पाई गई थीं।
इसी तरह लालगंज के बीईओ सुरेश कुमार की निरीक्षण आख्या पर भी बीसएसए ने कार्रवाई की है। प्राथमिक विद्यालय खजूरगांव द्वितीय में 27 नवंबर को सहायक अध्यापक प्रीति यादव और प्रियंका शुक्ला हस्ताक्षर करके चली गई थीं। प्राथमिक विद्यालय गोपालपुर मदुरी में एक दिसंबर को शिक्षामित्र मीरा सिंह भी गैरहाजिर थीं।
उच्च प्राथमिक विद्यालय हरीपुर में एक दिसंबर को सहायक अध्यापक नीलम शर्मा, मिथिलेश कुमारी एवं सरोज जायसवाल भी गैरहाजिर पाई गई थीं। इस सभी के खिलाफ वेतन और मानदेय रोकने की कार्रवाई की गई है।