रायबरेली। बच्चों और किशोरियों को विभिन्न बीमारियों से बचाने के लिए इस बार राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर सात लाख से अधिक बच्चों और किशोरियों को कीडे़ की दवा (एल्बेंडाजॉल-400) खिलाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए 20 जुलाई से प्रशिक्षण दिया जाएगा। स्कूलों में शिक्षक और आंगनबाड़ी केंद्रों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बच्चों और किशोरियों को यह दवा खिलाएंगी। इसके लिए सीएमओ ने आठ लाख से अधिक डोज की दवा मंगवा ली है।
पेट में कीडे़ होने के कारण बच्चों का विकास नहीं हो पाता है। बच्चों की शारीरिक वृद्धि और वजन कम होने लगता है। बीमारियों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता भी कम हो जाती है। इसके अलावा बच्चों को अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। खासकर गांवों में जागरूकता कम होने के कारण बच्चों को कीडे़ की दवा नहीं खिलाई जाती है, जबकि बच्चों को छह-छह महीने में कीडे़ की दवा जरूर खिलानी चाहिए।
इस बार राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के मौके पर एक साल से 19 सात तक की उम्र के बच्चों को दवा खिलाई जाएगी। आगामी 10 अगस्त को एक साथ सात लाख से अधिक बच्चों को कीडे़ की दवा खिलाई जाएगी। इसमें स्कूलों के 3.69 लाख बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा 3.32 लाख बच्चे व किशोरियों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर दवा खिलाई जाएगी। इसके लिए सीएमओ ने आठ लाख से अधिक टैबलेट मंगवा ली है।
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के मौके पर इस साल 2880 सरकारी स्कूलों, 844 निजी स्कूलों और 2833 आंगनबाड़ी केंद्रों पर एक से 19 साल की उम्र के सात लाख से अधिक बच्चों को कीडे़ की दवा खिलाई जाएगी। दवा की व्यवस्था कर ली गई है। 10 अगस्त को यह अभियान चलाया जाएगा।
- डॉ. एसके चक, एसीएमओ