रास्ता बंद होने से भड़के तीन गांवों के ग्रामीण, नारेबाजी
रायबरेली। शहर के किनारे रिंग रोड का काम चल रहा है। शारदा सहायक के किनारे बन रहे रिंग रोड को इतना ऊंचा कर दिया गया है कि तीन गांव के ग्रामीणों को आने-जाने का रास्ता नहीं बचा है।
इससे खफा ग्रामीणों ने रविवार को न सिर्फ काम रोक दिया, बल्कि जमकर प्रदर्शन किया। पुलिस के समझाने-बुझाने पर पांच घंटे बाद ग्रामीण शांत हुए।
आरोप था कि रास्ता बंद किए जाने से तीन किमी का अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। पहले नजदीक से रास्ता दिए जाने का भरोसा दिया था, लेकिन अब ऐसा करने से इंकार कर दिया है। पुलिस ने निर्माण एजेंसी को एक सप्ताह में रास्ता बनाने के निर्देश दिए हैं।
भदोखर थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर कटैली गांव के पास से रिंग रोड पर फ्लाईओवर बन रहा है। इस वजह से यहां पर रिंग रोड की ऊंचाई करीब 30 फिट हो गई है।
रघुनाथपुर कटैली, फक्कड़ का पुरवा, ननकऊ का पुरवा गांव के करीब 20 हजार लोगों के आने-जाने के लिए कोई रास्ता नहीं है।
निर्माण के दौरान रास्ता देने का आश्वासन निर्माण एजेंसी की ओर से दिया गया था, लेकिन कोई रास्ता नहीं दिया गया है। गांव निवासी शिवकुमार, मुन्ना यादव, बाबूलाल, श्रवण कुमार आदि ने बताया कि जो रास्ता दिया जा रहा है वह गांव से तीन किलोमीटर दूर है, जबकि ग्रामीण गांव के पास सही रास्ता दिए जाने की मांग कर रही है।
रास्ता नहीं मिलने से खफा ग्रामीणों ने शनिवार को काम रोक दिया। काम में लगे डंपर को खड़ा कराकर जमकर नारेबाजी की। कहा कि यदि रास्ता नहीं दिया गया तो काम नहीं होने दिया जाएगा।
इसकी जानकारी होने पर भदोखर पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया। निर्माण एजेंसी और ग्रामीणों को थाने में बुलाकर वार्ता कराई।
एक सप्ताह में रास्ता बनाने की बात कही गई। इस पर ग्रामीण शांत हुए। इस दौरान करीब पांच घंटे तक काम ठप रहा। एसओ अशोक त्रिपाठी ने बताया कि एक सप्ताह में रास्ता दिए जाने की बात निर्माण एजेंसी की ओर से कही गई है। काम शुरू करा दिया गया है।