मानवाधिकार आयोग ने की एनटीपीसी हादसे की जांच
रोहनिया (रायबरेली)। एनटीपीसी ऊंचाहार में बॉयलर फटने से हुए हादसे की जांच मंगलवार को मानवाधिकार आयोग ने शुरू की है। दिल्ली और यूपी से आई आठ सदस्यीय टीम ने घटनास्थल यूनिट नंबर छह पहुंच कर बारीकी से छानबीन की। घटना के समय मजदूरों के काम करने का स्थान व उनकी सुरक्षा के इंतजाम के बारे में जानकारी ली। टीम ने परियोजना के अधिकारियों से यह भी पूछा कि हादसे के शिकार हुए मजदूरों की सहायता के अब तक क्या-क्या किया गया। टीम ने कर्मचारियों का ब्योरा भी खंगाला।
गौरतलब है कि 01 नवंबर को ऊंचाहार एनटीपीसी की यूनिट नंबर छह में बॉयलर फटने से दर्दनाक हादसा हो गया था। इसमें 40 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी, बड़ी संख्या में मजदूर झुलस गए थे। हादसे के बाद कई टीमें परियोजना पहुंची और छानबीन के बाद लौट गईं। एनटीपीसी सूत्रों ने बताया कि दिल्ली से राष्ट्रीय और लखनऊ से राज्य मानवाधिकार आयोग की चार-चार सदस्यीय टीमें मंगलवार सुबह एमएस गिल की अगुवाई में घटनास्थल यूनिट नंबर छह पहुंची। दुर्घटनाग्रस्त यूनिट को देखा और अधिकारियों से हादसे के कारणों की जानकारी ली। टीम ने घटना के बाद परियोजना प्रबंधन से हादसे का शिकार हुए घायलों की इलाज की व्यवस्था, इलाज में होने वाले खर्च और उनके परिवार को दी गई मदद की बारे में गहन पूछताछ की। यूनिट में मजदूरों के काम करने वाले स्थान को देखा। अधिकारियों से पूछा कि घटना के समय सुरक्षा के इंतजाम क्या थे। टीम के साथ एनटीपीसी उत्तरी क्षेत्र के महाप्रबंधक (मानव संसाधन) अशोक स्वरूप भी आए हुए हैं। सूत्रों का कहना है कि अभी टीम एनटीपीसी में रुकेगी और हादसे से संबंधित सभी पहलुओं की बारीकी से जांच करेगी। एनटीपीसी ऊंचाहार परियोजना के जनसंपर्क अधिकारी एके श्रीवास्तव ने बताया कि दिल्ली और लखनऊ से मानवाधिकार आयोग की टीम हादसे की जांच के लिए आई है।