समायोजन रद्द होने के विरोध में सड़क पर उतरे शिक्षामित्र, 200 स्कूलों में तालाबंदी
रायबरेली। समायोजन रद्द किए जाने से शिक्षामित्रों का गुस्सा बुधवार को सड़क तक पहुंच गया। बीएसए दफ्तर में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की गाड़ी को रोककर न सिर्फ घेराव कर आक्रोश जाहिर किया, बल्कि डिग्री कॉलेज चौराहे पर मार्ग जाम करके प्रदर्शन किया। वैसे तो आंदोलित शिक्षामित्रों की वजह से सभी स्कूलों पठन-पाठन का कार्य चौपट रहा, लेकिन करीब 200 एकल शिक्षक वाले स्कूलों में पूरी तरह से तालाबंदी रही। बच्चे स्कूल तो पहुंचे, लेकिन गुरुजी के न होने की वजह से उन्हें वापस लौटना पड़ा। प्रदर्शन के बाद सभी ने डीएम के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजकर पुरानी व्यवस्था बहाल किए जाने की मांग की।
जिले में करीब 2200 शिक्षामित्रो की तैनाती हैं, जो समायोनज के बाद से स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने पर अपना योगदान दे रहे हैं। कोर्ट से समायोजन रद्द होने से शिक्षामित्र आंदोलित हो गए। प्राइमरी औरपूर्व माध्यमिक स्कूलों में जाने के बजाय जिला मुख्यालय पहुंच गए। आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह, जिला कोषाध्यक्ष विष्षुशरण मौर्य, जिला महामंत्री पुष्पेंद्र त्रिवेदी की अगुवाई में शिक्षामित्र सड़क पर उतर आए। सबसे पहले विकास भवन में पहुंचकर धरना-प्रदर्शन किया। इसी बीच बीएसए संजय कुमार शुक्ला पहुंचे तो उनकी गाड़ी रोक ली और उनका घेराव करते हुए अपना आक्रोश जाहिर किया। बीएसए ने उनकी बात शासन तक पहुंचाने की बात कही, पर उनका गुस्सा शांत नहीं हुआ। बीएसए का घेराव करने के बाद सभी शिक्षामित्र जुलूस निकाल कर डिग्री कॉलेज चौराहे पर पहुंचे और मार्ग जाम कर दिया। इससे दोनों तरफ का आवागमन ठप हो गया। पुलिस ने पहुंचकर किसी तरह शिक्षामित्रों को शांत कराया।
इसके बाद शिक्षामित्र कलेक्ट्रेट पहुंचे और डीएम के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अध्यापक सेवा नियमावली में शीघ्र संशोधन कर सहायक अध्यापक पद पर वापस दिलाए जाने, तब तक समान कार्य समान वेतन लागू किए जाने की मांग शामिल है। शिक्षामित्रों के आंदोलित होने से एकल शिक्षक वाले करीब 200 स्कूलों में तालाबंदी रही। स्कूलों में पढ़ाई नहीं हो सकी। इससे बच्चों को घरों को लौटना पड़ा। इसके अलावा अन्य स्कूलों भी पढ़ाई चौपट रही। शिक्षामित्रों ने एक स्वर में कहा कि हक न मिलने तक आरपार की लड़ाई चलती रहेगी। इस मौके पर संकठा प्रसाद, हर्षवधन सिंह, अंबरीश सिंह, हेमंत सिंह, आशीष सिंह मौजूद रहे। जिलाध्यक्ष अजीत सिंह का कहना है कि हम सब चुप नहीं बैठेंगे। शिक्षामित्रों के अधिकार की लड़ाई मजबूती के साथ लड़ी जाएगी।
एकल स्कूलों में पढ़ाई बाधित नहीं होने दी जाएगी
शिवगढ़। विकास खंड क्षेत्र में संचालित प्राथमिक विद्यालय में तैनात समायोजित शिक्षामित्रों ने बुधवार को स्कूलों में पढ़ाने में रुचि नहीं दिखाई। शिवगढ़ क्षेत्र में 105 प्राथमिक व एक समाज कल्याण अनुदानित स्कूल संचालित है, जिसमे 143 शिक्षामित्र नियुक्त थे। इनमें से 18 शिक्षामित्र समायोजित नहीं हो पाए थे। प्राथमिक विद्यालय जगन्नाथपुर में समायोजित सहायक अध्यापक रामधनी ने 11 बजे के बाद ही स्कूल बंद कर दिया, जबकि एक बजे बंद होना था। यही हाल कई और स्कूलों का रहा। खंड शिक्षा अधिकारी रामललित वर्मा ने बताया कि एकल स्कूलों में पढ़ाई बाधित नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए कोई न कोई व्यवस्था जरूर की जाएगी।
हर किसी के माथे पर दिखी भविष्य की चिंता
समायोजन रद्द किए जाने से शिक्षामित्रों में जहां गुस्सा दिखा, वहीं उनके माथे पर भविष्य की चिंता भी दिखी। उनका कहना था कि शिक्षक-शिक्षामित्रों के सामने रोजी-रोटी एवं रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। समायोजित शिक्षकों व शिक्षामित्रों की जिंदगी मौत से बदतर होती दिखाई दे रही है। प्रतिमा, ज्ञानेंद्र सिंह, राधेश्याम, जीतेंद्र का कहना है कि उम्मीद थी कि कुछ नया होगा, भविष्य बेहतर होगा, लेकिन समायोजन रद्द होने से भविष्य के सपने टूट कर बिखर गए।
स्कूल जाने के बजाय प्रदर्शन में हुए शामिल
फुरसतगंज (रायबरेली)। समायोजन रद्द किए जाने पर बहादुरपुर ब्लॉक क्षेत्र के स्कूलों में तैनात शिक्षामित्रों ने कार्य बहिष्कार किया। सभी 96 शिक्षामित्र विद्यालय न जाकर अमेठी जिला मुख्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। इससे स्कूलों में पठन-पठन का कार्य बाधित है। बहादुरपुर ब्लॉक के संगठन अध्यक्ष एसपी सिंह ने बताया कि पूरे ब्लॉक में 96 शिक्षामित्र हैं। इसमे से 90 शिक्षामित्र समायोजित हो चुके हैं। छह शिक्षामित्र जो तीसरे बैच के हैं, उनका समायोजन नहीं हो पाया है। 90 शिक्षामित्रों में लगभग 70 शिक्षामित्र इसी ब्लॉक में तैनात है। 20 शिक्षामित्र अमेठी के अन्य ब्लॉकों में तैनात हैं।
समायोजन रद्द होने से शिक्षामित्रों में आक्रोश
लालगंज (रायबरेली)। समायोजन रद्द किए जाने से शिक्षामित्रों में आक्रोश है। सभी बुधवार को विद्यालय का काम-काज छोड़कर सुबह नगर पंचायत कार्यालय के पास एकत्र हुए। वहां से रायबरेली के लिए रवाना हुए। शिक्षामित्र सुनील कुमार त्रिवेदी ने कहा कि इतने वर्षों से सेवा करने के बावजूद भी उन लोगों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। रायबरेली के लिए राजबहादुर यादव, बाबूशंकर, राजनरायन, राजेश सिंह, उदयराज, महेश मिश्रा आदि शिक्षामित्र रवाना हुए।