शंकर तेरी जटा में बहती है गंग धारा...
-टीवी आर्टिस्ट लकी वाजपेयी ने बांधा समां
-बाल्हेश्वर बाबा मंदिर परिसर में भजन संध्या
अमर उजाला ब्यूरो
लालगंज (रायबरेली)। कानपुर से आई टीवी आर्टिस्ट और भजन गायिका लकी वाजपेयी अपने भजनों से श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। वे बुधवार को ऐहार स्थित बाल्हेश्वर मंदिर परिसर में आयोजित भजन संध्या के कार्यक्रम में भजन प्रस्तुत कर रहीं थीं। उनके भजन, शंकर तेरी जटा में बहती है गंग धारा... पर श्रोता झूम उठे।
इसके बाद लकी वाजपेयी ने- कैलास के निवासी प्रभु बार बार हो-आए, शरण तिहारी प्रभु बार बार हो...कृष्ण गोविंद-गोविंद हे गोपाल नंदलाल-राधे गोविंद-गोविंद हे गोपाल नंद लाल... सुनाया। जिस पर श्रोता झूम उठे। मेरे सरकार का दीदीर बड़ा प्यारा है-कृष्ण मेरा प्यारा है-गोविंद बड़ा प्यारा भजन पर लोग झूम उठे। अंत में बडे़ ही मोहक ढंग से फूलों की होली का उत्सव हुआ। लकी वाजपेयी के मोहक सुरों के रंगों में सराबोर फूलों की होली का श्रद्धालुओं ने झूमकर आनंद लिया और एक दूसरे पर फूलों की वर्षा की। लकी के साथ उनकी बहन नेहा के अलावा नमन वाजपेयी, संजय वर्मा, दीपक निगम व चानी सर ने वाद्य यंत्रों पर सहयोग किया। मंदिर के पुजारी पंडित झिलमिल जी महाराज ने लकी और उनकी पार्टी के लिए आभार प्रकट किया। इस मौके पर अजय मिश्रा, पुनीत पांडेय, कुमार विवेक दुबे, पंडित नारायणदीन शुक्ला समेत बड़ी संख्या में श्रोता मौजूद रहे।