रायबरेली। किसानों को लखनऊ जाने से रोकने के लिए शनिवार को जिले की सभी सीमाओं को सील कर दिया गया। करीब 200 किसानों को लखनऊ जाने से रोका गया। इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच कहासुनी भी हुई। बावजूद इसके पुलिस ने उन्हें लखनऊ जाने नहीं दिया और बैरंग लौटा दिया। कई किसानों को घर में ही नजरबंद किया गया तो किसी को गांव से बाहर नहीं निकलने दिया गया। पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी चौकन्ने रहते हुए क्षेत्र का जायजा लेते रहे।
कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन कर रहे हैं। किसान कृषि कानूनों की वापसी की मांग कर रहे हैं। किसान नेताओं ने केंद्र सरकार की ओर से मांगें न जाने पर गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में ट्रैक्टर-ट्रॉली रैली निकालने का आह्वान किया है। इस पर किसानों का शनिवार को लखनऊ जाने का कार्यक्रम तय था। इसे लेकर पुलिस चौकन्नी रही।
प्रतापगढ़, फतेहपुर, उन्नाव, लखनऊ व अमेठी समेत अन्य सीमाओं को पुलिस ने बैरियर लगाकर सील कर दिया। बैरियर पर पुलिस की तरफ से चेकिंग की गई। जो भी किसान मिला, उसे बैरंग लौटा दिया गया। जानकारी मिलने पर पहले से ही कई किसानों को नजरबंद कर दिया गया।
शिवगढ़ प्रतिनिधि के मुताबिक पुलिस को सूचना मिली कि बेड़ारू के 70 किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवार होकर लखनऊ जा रहे हैं। सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव, थानेदार धीरेंद्र यादव मौके पर पहुंचे और सभी को लखनऊ जाने से रोक दिया। किसान सर्वेश वर्मा, रामहर्ष अवस्थी, संगमलाल वर्मा, पूर्णमासी साहू, महादेव वर्मा को घर में ही कैद कर दिया गया।
किसानों का कहना था कि केेंद्र सरकार किसानों के साथ मजाक कर रही है। जल्द ही सरकार को चाहिए कि कृषि कानूनों को वापस ले ले। बाराबंकी, लखनऊ, अमेठी सीमा को भी सील कर दिया गया था।
बछरावां प्रतिनिधि के मुताबिक उपजिला अधिकारी महाराजगंज विनय मिश्रा, क्षेत्राधिकारी महाराजगंज राघवेंद्र चतुर्वेदी, थानाध्यक्ष राकेश सिंह के साथ भारी पुलिस बल लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर दक्षिणा टोल प्लाजा पर मुस्तैद रहा। रायबरेली से लखनऊ की ओर जा रहीं सभी गाड़ियों की सघन चेकिंग की गई ताकि विरोध प्रदर्शन के लिए किसान संगठन व उनके लोग दिल्ली ना जा सकें।
उप जिलाधिकारी ने बताया कि किसान संगठनों के विरोध को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। लगातार किसानों को किसान कानून के लाभ बताए जा रहे हैं। धरना-प्रदर्शन करने वाले लोगों को चिह्नित कर उन्हें पाबंद किया जा रहा है। टोल प्लाजा से भी किसी को धरना-प्रदर्शन में शामिल होने के लिए नहीं जाने दिया जाएगा।
अपर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि गणतंत्र दिवस पर किसानों के ट्रैक्टर-ट्रॉली निकाले जाने को लेकर पुलिस-प्रशासन सतर्क रहा। महराजगंज, शिवगढ़, बछरावां व गुरुबख्शगंज क्षेत्र के करीब 200 किसानों को लखनऊ जाने से रोका गया। सीमाओं को सील किया गया था। आने-जाने वाले वाहनों की चेकिंग कराई गई। सभी सीओ व थानेदारों को क्षेत्रों में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
एसपी श्लोक कुमार ने बताया कि पुलिस-प्रशासन की तरफ से गांवों में चौपाल लगाकर किसानों से सीधा संवाद करके उन्हें बताया जा रहा है कि कृषि कानून उनके लिए फायदेमंद है। चौपाल में पुलिस के साथ ही राजस्व विभाग के अफसर भी शामिल होते हैं। किसान आंदोलन को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।