खीरों (रायबरेली)। विद्युत उपकेंद्र के अजीतपुर फीडर को दो भागों में बांंट दिया गया है। इससे करीब 20 हजार उपभोक्ताओं को ट्रिपिंग व फॉल्ट की समस्या से निजात मिलेगी। मेरुई फीडर को चालू करने की हरी झंडी मिल गई है।
अकोहरिया निवासी संतोष पासी, रामलखन कुशवाहा, अजीतपुर निवासी राणा सिंह, जमकोरियापुर के राम खेलावन गुप्ता, फिरोजाबाद के उमेश यादव, मथुरा खेड़ा निवासी जयप्रकाश पाल ने बताया कि फीडर में लोड अधिक होने के कारण आए दिन ट्रिपिंग की समस्या से जूझना पड़ रहा था।
डेढ़ वर्ष पहले अजीतपुर फीडर को मेरुई फीडर में विभाजित करने के लिए एक करोड़ रुपये की लागत से 11 किमी लंबी लाइन बनायी गई थी। जिसे बीते एक वर्ष से चालू नहीं किया जा रहा था। ग्रामीणों की मांग पर मेरुई फीडर के संचालन को हरी झंडी मिल गई है।
इस फीडर के शुरू होने से मेरुई, बनईमऊ, रायपुर, गौनहा, बरी, पूरे संभर सिंह, पूरे विजयी सिंह का पुरवा, पूरे गरीब सिंह का पुरवा, वैसन का पुरवा आदि गांव की लगभग 10 हजार आबादी को निर्बाध आपूर्ति मिलेगी।
अवर अभियंता कमल किशोर यादव ने बताया कि यह काम विद्युत बिजनेस प्लान के तहत किया गया है। अब नए फीडर के साथ ही पुराने फीडर अजीतपुर के अन्य गांव मथुरा खेड़ा, फिरोजाबाद, सलीमापुर, दुकनहा, अहिलवा, अचाकापुर, नुनैरा, सेवनपुर, अकोहरिया, अजीतपुर, जमकोरियापुर व टिकवामऊ आदि के उपभोक्ताओं को भरपूर बिजली के साथ फॉल्ट व ट्रिपिंग से राहत मिलेगी।