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सेहत पर ध्यान दें महिलाएं

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जगतपुर (रायबरेली)। आज तरह-तरह की बीमारियां हो रही हैं। इसलिए जरूरी है कि महिलाएं सेहत पर ध्यान दें। सेहत तभी बेहतर होगी, जब खानपान पर विशेष ध्यान देंगी। जरूरी है कि महिलाएं कामकाज के साथ-साथ स्वयं के साथ ही दूसरी महिलाओं को भी स्वस्थ रहने के प्रति जागरूक करें।
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अमर उजाला की अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स मुहिम के तहत सोमवार को जगतपुर ब्लॉक क्षेत्र के हरदीटीकर गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में स्वास्थ्य शिविर लगा। इसमें सीएचसी जगतपुर के डॉ. संजय त्रिपाठी, डॉ. सरिता पांडेय ने रोगियों का इलाज करने के साथ ही उन्हें स्वस्थ रहने के तौर तरीके बताए। दवाएं भी वितरित की गईं।

ग्राम प्रधान अमरेश सिंह ने रोगियों को फल बांटे। शिविर में 160 रोगियों की सेहत जांची गई। शिविर में 25 बुजुर्गों को चलने के लिए छड़ी दी गई। साथ ही छड़ी देने के लिए 35 बुजुर्गों का पंजीकरण किया गया।
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महिलाओं को यदि कोई दिक्कत हो तो उन्हें किसी तरह से घबराना नहीं चाहिए। अस्पताल पहुंचकर इलाज कराना चाहिए। अमर उजाला का प्रयास सराहनीय है।
- डॉ. संजय त्रिपाठी, चिकित्सक, सीएचसी जगतपुर


महिलाएं अपने खानपान पर विशेष ध्यान दें। ऐसा करने से महिलाएं बीमार नहीं होंगी और अपने कामकाज को बेहतर ढंग से कर सकेंगी।
- डॉ. सरिता पांडेय, चिकित्सक, सीएचसी जगतपुर


अमर उजाला का प्रयास सराहनीय है। निश्चित तौर से इस तरह के आयोजन आगे भी हों, ताकि रोगियों को इलाज बेहतर ढंग से हो सके।
- अमरेश सिंह, ग्राम प्रधान, हरदीटीकर


पैर के जोड़ों में दर्द रहता है। गांव में लगे शिविर की जानकारी होने पर पहुंचकर इलाज कराया। मुफ्त में दवा भी मिली।
- रूपरानी


काफी समय से पेट दर्द हो रहा था। समय न मिलने के कारण इलाज नहीं हो पा रहा था। शिविर में पहुंचकर अपना इलाज कराया।
- रानी


रात में नींद न आने की दिक्कत थी। इलाज नहीं करा पा रही थी। अमर उजाला की ओर से लगाए गए शिविर में पहुंचकर इलाज कराया।
- रामपति


चेहरे पर मुहासे की समस्या से परेशान होने के कारण कहीं जा नहीं पाती थी। गांव में डॉक्टर आने से दिखाने और बताने में कोई समस्या नहीं हुई। इलाज कराया। - अर्चना
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जोड़ों में दर्द और कमर दर्द होने से कही आने-जाने में काफी समस्या होती थी, लेकिन इस बीमारी का शिविर में इलाज कराने का मौका मिला।
- सविता सिंह


दिव्यांग होने से कहीं आना-जाना नहीं होता है। इसलिए शिविर पहुंची, जहां पर चलने फिरने वाले उपकरण देने के लिए पंजीकरण कराने का मौका मिला। - रोहिनी


बीपी की समस्या बनी रहती है, जिसको दिखाने का समय नहीं मिलता था। शिविर लगने से इलाज हो गया।
- राजकुमारी


बुखार समेत अन्य समस्या थी। अपना इलाज नहीं करा पा रहे थे। शिविर में पहुंचकर इलाज कराया। दवाएं भी मिलीं। इससे अच्छा लगा।
- रामहजारी
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