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बैंक से बाजार तक डंप करोड़ों के सिक्के

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बैंक से बाजार तक डंप करोड़ों के सिक्के
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रायबरेली। बाजार में एक बार फिर सिक्कों की समस्या दिखाई देने लगी है। चाहे बैंक हो या व्यापारी, सिक्कों की समस्या से सभी जूझ रहे हैं। छोटे व्यापारियों का तो सिक्कों की वजह से धंधा बुरी तरह प्रभावित है। वहीं बैंक भी सिक्कों के रूप में मौजूद करोड़ों की राशि का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। बैंकों में पडे़ ये सिक्के डेड मनी साबित हो रहे हैं। करीब तीन माह पहले बैंकों द्वारा सिक्के नहीं लेने की शिकायत पर आरबीआई ने सभी बैंकों को सिक्के लेने के निर्देश जारी किए थे। इसके मुताबिक जिन बैंक शाखाओं में करेंसी चेस्ट की सुविधा नहीं है। करेंसी चेस्ट को उन शाखाओं से भी सिक्के लेने को कहा गया है। इसके बाद अकाउंट होल्डर एक दिन में एक रुपये से अधिक मूल्य वर्ग के एक हजार रुपये तक के सिक्के बैंक में जमा कर सकता है।
इधर, सिक्कों को लेकर छोटे व्यापारी जैसे दूध वाले, ब्रेड वाले, पान वाले, किराना वाले ज्यादा परेशान हैं। इनके पास रोज करीब पांच से छह हजार रुपये के सिक्के आते हैं। दिक्कत आ रही है कि थोक व्यापारी सामग्री खरीदने के दौरान सिक्के लेने से मना कर रहे हैं। इससे उनका धंधा चौपट हो रहा है। यहां की विभिन्न बैंक शाखाओं के अधिकारियों का दावा किया जा रहा है कि बैंकों में सिक्के लिए जा रहे हैं। पर इन बैंक शाखाओं में सिक्के जमा करने को लेकर ग्राहकों को पापड़ बेलने पड़ रहे हैं। बाजारों में यह भी दिक्कत आ रही है कि ग्राहक और दुकानदार एक दूसरे से सिक्के नहीं ले रहे हैं। खासकर छोटे सिक्के (एक रुपया) नहीं ले रहे हैं। नतीजतन दुकानदार और ग्राहकों के बीच यह विवाद की वजह बन रही है। कई बार तो इसको लेकर झड़प हो जाती है।
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10 रुपये के सिक्के में त्र लिखा होने पर लेते
चाहे फिर बैंक हो, बाजार हो या फिर पेट्रोलपंपों या फिर अन्य कोई दुकानें। वहां पर एक रुपये के सिक्के को छोड़िए 10 रुपये तक के सिक्के नहीं लिए जाते हैं। जिन 10 रुपये के सिक्के में त्र लिखा होता है, उसी सिक्के को लिया जाता है। यदि त्र नहीं लिखा है तो किसी कीमत पर सिक्का नहीं लिया जाता है। शहर से लेकर देहात क्षेत्रों में इसकी लेकर यही स्थिति है। इससे खासकर ग्राहक परेशान हैं।

बैंकों में सिक्के लेेने को होती आनाकानी
व्यापारी राजेश साहू, रोहित, घनश्याम गुप्ता, जसप्रीत सिंह कहते हैं कि नोटबंदी के बाद से छोटे सिक्कों को लेकर जो समस्या चल रही है, वह अभी दूर नहीं हो पाई है। ग्राहकोें को दिक्कत न होने पाए, इसलिए सिक्के ले लिए जाते हैं। पर यही सिक्के बैंकों में नहीं लिए जाते। इससे दिक्कतेें हो रही हैं। यह एक बड़ी समस्या है, जिसको दूर कराने के लिए ध्यान देना चाहिए।

ग्राहक बोले, दूर की जाए समस्या
ग्राहक हुसैन अहमद, अंजनी, जगदीशदास, अनूप दीक्षित कहते हैं कि सिक्के नहीं लिए जा रहे हैं। बाजार में कोई सामग्री खरीदने जाओ तो नोट लिए जाते हैं। छोटे सिक्के लेेने से इंकार कर दिया जाता है। खासकर एक रुपया तो लिया ही नहीं जाता। दस के सिक्के में रा लिखा होने पर उसे ले लिया जाता है। इसलिए समस्या दूर कराई जानी चाहिए।

लिए जा रहे सिक्के, कहीं नहीं दिक्कत : एलडीएम
एलडीएम बृजमोहन का दावा है कि आरबीआई के नियमानुसार जिले की सभी विभिन्न बैंक शाखाओं में सिक्के लिए जा रहे हैं। कहीं पर कोई दिक्कत नहीं आ रही है। यदि कहीं पर किसी को सिक्का जमा करने में दिक्कतें आ रही हैं तो वे उनसे शिकायत कर सकते हैं। उसकी समस्या दूर कराई जाएगी। बैंकों में करोड़ों सिक्के डंप हैं।
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बैंक में लिए जा रहे सिक्के : एसके झा
हाथी पार्क स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा के मैनेजर एसके झा कहते हैं कि हमारी सभी 52 बैंक शाखाओं में सिक्के लिए जा रहे हैं। कहीं पर कोई दिक्कत नहीं आ रही है। यदि किसी ग्राहक को किसी बैंक शाखा में सिक्के जमा करने की शिकायत आ रही है तो वह स्वयं उनसे शिकायत कर सकता है।
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