अप्टा और बरगदहा गांव के घरों में ताले
- गांवों में सन्नाटा, पुरुष कर गए पलायन, कुछ घरों में केवल महिलाएं
- महिलाओं ने कहा, रात में पुलिस वाले बंद घरों में मारते हैं ठोकर
अमर उजाला ब्यूरो
रोहनियां (रायबरेली) अप्टा मजरे इटौरा बुजुर्ग गांव में हुई पांच लोगों की निर्मम हत्या के बाद गांव के लोग पुलिस के खौफसे पलायन कर गए। ज्यादातर घरों में ताले लटके हैं या फिर केवल महिलाएं हैं। शाम ढलते ही ये महिलाएं घरों में कैद हो जाती है। इसकी वजह यह है कि रात में पुलिस की चहलकदमी बढ़ जाती है। पुलिस ने शुक्रवार रात तो एक ग्रामीण की पिटाई भी कर दी। नेताओं की आवाजाही बढ़ने से पुलिस और सख्त हो गई है।
अप्टा और उससे सटे गांव में तो पुरुष हैं ही नहीं। केवल वही लोग हैं, जो लाचार या फिर बाहर जाने की स्थिति में नहीं हैं। महिलाएं हर आने जाने वाले को संदेह की नजरों से देखती हैं कि कोई पकड़ने तो नहीं आया है।बरगदहा गांव की शिवकली व सुमेरा ने बताया कि घर पर सो रहे राजेश प्रजापति की पुलिस ने शुक्रवार रात पिटाई की। इससे बाद वह भी गांव से पलायन कर गया। गांव के पुरुष अपने रिश्तेदारों के यहां शरण लिए हुए हैं। गांव में शनिवार को दरवाजे पर बैठी शिमली, सीमा व रानी ने बताया कि रात में पुलिस वाले आकर दरवाजे पर ठोकर मारते हैं। टीन शेड को पीटते हैं। पुलिस के खौफ से इन महिलाओं ने पहले तो नाम नहीं बताया, लेकिन काफी कहने के बाद अपना नाम बताया। कहा कि पूरे गांव में दहशत का माहौल है।