रायबरेली। नमामि गंगे योजना के तहत पर्यावरण को हरा-भरा बनाने का सपना पूरा होता नहीं दिख रहा है, क्योंकि पौधरोपण के लिए अब तक पर्याप्त भूमि नहीं मिल पाई है।
इसके लिए वन विभाग के अधिकारियों को ग्राम पंचायतों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। विभागीय अधिकारी किसानों को जागरूक करके दिए गए लक्ष्य को पूरा करने में जुटे हैं।
स्वच्छ भारत मिशन के नमामि गंगे योजना के तहत जिले के 29 ग्राम सभाओं व उनके मजरों में पौधरोपण किया जाना है। इसके लिए 300 हेक्टेयर क्षेत्रफल में पौधरोपण करने का लक्ष्य दिया गया है, लेकिन इन गांवों में अब तक 185 हेक्टेयर ही जमीन पौधरोपण के लिए मिल पाई है।
प्रति हेक्टेयर 625-625 पौधे रोपित किए जाने हैं। लक्ष्य को पूरा करने के लिए विभागीय अधिकारियों गांवों में जाकर किसानों को जागरूक कर रहे हैं।
इसके बावजूद क्षेत्रफल का दायरा नहीं बढ़ पा रहा है। अब तक जितनी जमीन मिली है, वहां पौधरोपण के लिए प्लांटेशन किया जा रहा है। विभागीय अधिकारी व कर्मचारी लक्ष्य के सापेक्ष पौधे लगाने के लिए पूरी तरह प्रयास कर रहे हैं। जुलाई महीने में यहां पर पौधरोपण किया जाएगा।
इच्छुक लोग करा सकते पौधरोपण
लक्ष्य के सापेक्ष पौधरोपण के लिए जमीन चिह्नित की जा रही है। नमामि गंगे के लिए चिह्नित गांवों के किसान पौधरोपण कराना चाहते हैं तो वह संबंधित सर्किल दफ्तर में नाम दर्ज करा सकते हैं। अभी पौधरोपण करने में काफी समय है, तब तक जमीन का दायरा बढ़ा लया जाएगा
-तुलसीदास शर्मा, डीएफओ