रायबरेली। लोकसभा चुनाव में मतदान व मतगणना कर्मियों की व्यवस्था कराने में शिक्षा विभाग पिछड़ रहा है। 18 फरवरी तक सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को शिक्षकों व कर्मचारियों का ऑनलाइन डाटा उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए थे, लेकिन जिले के 13 स्कूलों के प्रधानाचार्यों ने आदेश को ताक पर रखा।
ऑनलाइन डाटा उपलब्ध न कराने पर डीआईओएस ने चार राजकीय स्कूलों समेत 13 स्कूलों के प्रिंसिपलों का अग्रिम आदेशों तक वेतन रोक दिया है। इससे हड़कंप मच गया है।
सीडीओ ने पिछले महीेने ही सभी विभागाध्यक्षों को लोकसभा चुनाव के लिए कर्मचारियों का ऑनलाइन डाटा उपलब्ध कराने के आदेश दिए थे।
पिछले सप्ताह सीडीओ ने प्रगति की समीक्षा भी की थी, लेकिन 20 से अधिक विभागाध्यक्षों की प्रगति शून्य मिली थी। सात दिन के अंदर कर्मचारियों का ऑनलाइन डाटा उपलब्ध कराने के आदेश दिए थे।
इसके बाद भी शिक्षा विभाग आदेशों का अनुपालन नहीं कर पा रहा है। 18 फरवरी तक कर्मचारियों का डाटा उपलब्ध न कराने पर डीआईओएस ने 13 स्कूलों के प्रधानाचार्यों का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोक दिया है। साथ ही तत्काल डाटा उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं।
लोकसभा चुनाव में ड्यूटी लगाने के लिए 18 फरवरी तक सभी स्कूलों से कर्मचारियों का ऑनलाइन डॉटा उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया था, लेकिन 13 स्कूलों ने डाटा उपलब्ध नहीं कराया है। संबंधित स्कूलों के प्रधानाचार्यों का वेतन रोक दिया गया है।
डॉ. चंद्रशेखर मालवीय, डीआईओएस