रायबरेली। डलमऊ कस्बे में बुधवार को बकाया फीस को लेकर एक सैकड़ा से अधिक छात्रों को स्कूल से भगा दिया गया तो उन्होंने कई स्थानों पर जमकर हंगामा किया।
स्कूल के पास स्थित रेलवे स्टेशन पर पहले नारेबाजी की, फिर खदेड़े जाने पर ट्रैक जाम कर दिया। ट्रेन आने की सूचना पर वहां से छात्रों को भगाया गया तो वे लोग मुराईबाग चौराहे पर प्रदर्शन करने लगे।
लोगों के समझाने पर आंदोलित छात्र वहां से हटे और तहसील पहुंचे और एसडीएम को अपनी समस्या बताई। एसडीएम के समझाने पर छात्र शांत हुए और घर लौट गए। मामला न्यू आदर्श शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज मुराईबाग का है।
इस विद्यालय के छात्र स्कूल से निकलते ही डलमऊ रेलवे स्टेशन पहुंच गए। काफी देर तक प्लेटफार्म पर हंगामा करते रहे। रेलवे सुरक्षा बल ने हंगामा कर रहे छात्रों को वहां से हटाया तो इलाहाबाद-कानपुर रेलवे लाइन पर खड़े होकर नारेबाजी करने लगे।
इसी बीच ट्रेन के आने का संकेत हुआ तो सुरक्षा कर्मियों ने आंदोलित छात्रों को खदेड़ा। हालांकि रेलवे स्टेशन से हटे इन छात्रों ने मुराईबाग चौराहा पर पहुंचकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
हंगामे की खबर लगने पर स्कूल का स्टाफ पहुंचा और समझाने की कोशिश की, लेकिन आंदोलित छात्र नारेबाजी करते हुए तहसील पहुंच गए।
तहसील में नारेबाजी करने के बाद एसडीएम को शिकायतीपत्र सौंपा। इसमें विपिन कुमार, अमित यादव, आशीष यादव, अरविंद, अंकुश यादव आदि ने कहा कि करीब 200 छात्रों को स्कूल से बाहर कर दिया गया और कहा गया कि फीस जमा करो, वरना विद्यालय मत आना।
एसडीएम ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया तो छात्र घर लौटे। उपजिलाधिकारी जीतलाल सैनी का कहना है कि विद्यालय के प्रबंध तंत्र को बुलाया जाएगा, ताकि सही स्थिति स्पष्ट हो सके। छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
फीस न देने और अनुपस्थित रहने वाले छात्रों को समझाया था : राकेश
न्यू आदर्श शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य राकेश यादव का कहना है कि कई छात्र लगातार अनुपस्थित चल रहे थे। इनके अभिभावकों से बात कर उन्हें विद्यालय भेजने को कहा था।
इसके अलावा करीब 40-50 छात्र-छात्राओं की फीस कई माह से बकाया चल रही थी। ऐसे ही छात्रों को विद्यालय में पंक्तिबद्ध कर समझाया जा रहा था।
फीस जमा करने और रोजाना स्कूल आने को कहा था, लेकिन इसी बीच कुछ शरारती छात्रों ने हंगामा किया और दूसरे छात्र भी उनके साथ स्कूल से बाहर जाकर प्रदर्शन करने लगे।
रेलवे स्टेशन और चौराहे पर प्रदर्शन की सूचना मिली तो शिक्षकों को भेजकर रोकने की पूरी कोशिश की गई। एसडीएम से भी मामले में बातचीत हो गई है।