पायलट बनने को 75 प्रशिक्षुओं ने दिया एग्जाम
फुरसतगंज (रायबरेली)। अमेठी जिले के फुरसतगंज स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी (इग्रुआ) में गुरुवार को आयोजित कैंपस सेलेक्शन में 75 प्रशिक्षु पायलटों ने भाग लिया। दो घंटे तक लिखित परीक्षा चली। परीक्षा में उत्तीर्ण प्रशिक्षु पायलटों का इंटरव्यू होगा, फिर जॉइनिंग लेटर दिए जाएंगे।
31 मार्च 2018 को कनाडा की कंपनी सीएई का इग्रुआ से 10 साल का करार खत्म हो गया था। इसके बाद नए निदेशक एयरवाइस मार्शल नलिन कुमार टंडन ने पदभार संभाला।
डेढ़ माह के भीतर ही उनकी मेहनत रंग लाई। भारत की एयरलाइंस कंपनी इंडिगो ने इग्रुआ में कैंपस सेलेक्शन के लिए एग्जाम कराया।
इंडिगो के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट कैप्टन आशिम मित्रा अपने अन्य सहयोगी तपस डे, कैप्टन पैट्रिक बलराज सिंह, कैप्टन राजीव शुक्ला, उजीन सोरंग के साथ यहां आए।
इग्रुआ के 86 प्रशिक्षु पायलट ने अपनी ट्रेनिंग पूरी कर कामर्शियल पायलट लाइसेंस प्राप्त किया है, जिन्हें परीक्षा में भाग लेना था, लेकिन 11 प्रतिभागी किन्हीं कारणों से परीक्षा में शामिल नहीं हो सके।
आशिम मित्रा के मुताबिक, करीब दो घंटे की लिखित परीक्षा से पहले प्रतिभागियों के सभी दस्तावेजों की जांच की गई। परीक्षा का रिजल्ट शुक्रवार को आएगा।
इसके बाद पास होने वाले छात्रों को दिल्ली बुलाया जाएगा, जहां कई प्रकार के टेस्ट होंगे और फिर इंटरव्यू के बाद सेलेक्शन लेटर दिया जाएगा। चयनित होने के बाद प्रतिभागी को दो महीने के लिए ट्रेनिंग के लिए बाहर भेजा जाएगा।
ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उनका लाइसेंस डीजीसीए में जाएगा। इसके बाद फिर इंडिगो के स्कूल में 45 दिन की ट्रेनिंग होगी, जहां पास होने के बाद दो-तीन महीने की लाइव ट्रेनिंग होगी, जिसके बाद उन्हें प्रथम अधिकारी का दर्जा प्राप्त होगा।
इंडिगो के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट ने इग्रुआ की हवाई पट्टी की साफ-सफाई देखकर कहा कि लगता है कि जैसे वह इंग्लैंड में खड़े हैं।