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कागजों पर ही साफ हो गया मऊ रजबहा, किसान परेशान

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कागजों पर ही साफ हो गया मऊ रजबहा
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रायबरेली। छतोह और डीह ब्लॉक क्षेत्र होकर निकला मऊ रजबहे की सफाई कागजों पर हो गई। हालत यह हैं कि रजबहा पूरी तरह से झार-झंकार से पटा है। टेल तक पानी नहीं पहुंचने से करीब एक हजार बीघे फसल सूख रही है। किसानों ने कई बार इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों और तहसील दिवस में की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इससे लोगों में जबरदस्त नाराजगी है। लोगों का कहना है कि अभियंताओं और ठेकेदार ने सफाई के नाम पर धन का बंदरबांट किया।
मऊ रजबहे से कोड़रा, लखापुर, थौरी, रायपुर टोड़ी, मऊ, रोखा सहित एक दर्जन से ज्यादा गांवों के किसानों सिंचाई करते हैं। तीन साल से नहर में पानी नहीं आया है। पूरी नहर झार-झंकार से पटी है। किसान शिव बहादुर, अरविंद, शीतला प्रसाद, सीताराम, भोलानाथ, चंद्रकला, रामकृपाल, संतराम आदि ने बताया कि नहर में पानी नहीं आने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। धान की फसल की सिंचाई के लिए पानी की सख्त जरूरत है। जिन किसानों के पास पानी की सुविधा है। वह तो फसल की सिंचाई कर लेते हैं। नहर के सहारे खेती करने वाले किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ झलक रही है।
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किसानाें ने बताया कि नहर की सफाई तीन सालों से नहीं कराई गई है। सिंचाई विभाग खंड 45 के अभियंताओं का दावा है कि रजबहे की सफाई कराई गई। ग्रामीणों ने डीएम से जांच कराकर कार्रवाई किए जाने की मांग की है। उधर, अवर अभियंता रामसूरत ने बताया कि 17 किलोमीटर रजबहे में 13 किलोमीटर रजबहे की सफाई कराई गई है। सफाई में कितना धन खर्च किया गया। इसकी जानकारी है। शेष रह गई रजबहे की सफाई बाद में कराई जाएगी।
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