अमृतलाल के परिवार को मिले 25 लाख का मुआवजा
रायबरेली। अप्टा मजरे इटौरा बुजुर्ग कांड के चश्मदीद अमृतलाल की मौैत को लेकर अधिवक्ताओं ने गुरुवार को पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिलाए जाने की मांग का ज्ञापन एडीएम प्रशासन तिलकधारी के जरिए सीएम को भेजा। उनका कहना है कि पुलिस-प्रशासन समय से जागता और अमृतलाल का इलाज कराता तो उसकी जान बच सकती थी।
सेंट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष ओपी यादव के नेतृत्व में अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधि मंडल अपर जिलाधिकारी से मिला और ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि ऊंचाहार थाने के अप्टाकांड की वारदात की रात ही मौके पर पुलिस-प्रशासन के अधिकारी पहुंच गए थे। बावजूद उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई थी। उसके इलाज की व्यवस्था नहीं कराई गई। आर्थिक तंगी के कारण 17 जुलाई को अमृतलाल की मौत हो गई। अमृत लाल प्रजापति की मौत का जिम्मेदार जिला प्रशासन है। अधिवक्ताओं के प्रतिनिधि मंडल में नरसिंह, शिवबालक मौर्य, शिवकुमार वैश्य, राकेश यादव आदि मौजूद रहे।
संयुक्त ब्राह्मण महासंघ गृहमंत्री से मिला
रायबरेली। अप्टा कांड के पीड़ितों के न्याय की गुहार लेकर सर्व ब्राह्मण संयुक्त महासंघ ने भारत सरकार के गृहमंत्री से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान घटनाक्रम के बारे में न सिर्फ उन्हें पूरी जानकारी दी, बल्कि इस प्रकरण को लेकर प्रदेश सरकार के एक मंत्री द्वारा रचे जा रहे षड़यंत्र से भी उन्हें अवगत कराया। सर्व ब्राह्मण संयुक्त महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीएन शुक्ला के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री बृजेश पाठक से मिलकर उनसे अप्टा कांड के पीड़ितों की मदद करने की अपील की। इसके बाद यह प्रतिनिधि मंडल ने भाजपा विधायक पंकज सिंह के साथ केंद्र सरकार के गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। इस मौके पर विजय अवस्थी, राधाकृष्ण शुक्ल, गोपाल नारायण त्रिवेदी एवं पप्पू शुक्ला रहे।