प्रधान पुत्रों की गिरफ्तारी से भड़के समर्थक, गांव से निकलने से रोका
- ग्रामीणों का कहना है कि मृतक पक्ष की तरफ से स्वयं की गई थी फायरिंग
अमर उजाला ब्यूरो
रोहनियां (रायबरेली)। अप्टा गांव में प्रधान पुत्रों की गिरफ्तारी के विरोध में मंगलवार को समर्थक भड़क उठे। सभी थाने और एसपी दफ्तर का घेराव करने के लिए निकलने वाले थे, लेकिन पुलिस ने किसी को निकलने नहीं दिया। आलाधिकारियों ने शांति व्यवस्था के मद्देनजर गांव से बाहर आने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। नतीजतन एसपी से मिलने की उनकी मंशा धरी की धरी रह गई। ग्रामीणों का कहना है कि मृतक पक्ष की तरफ से स्वयं फायरिंग की गई थी। प्रधान पुत्रों को फर्जी फंसाया गया है।
ऊंचाहार थाना क्षेत्र के अप्टा मजरे इटौैरा बुजुर्ग गांव में सोमवार रात पांच लोगों को जला दिया गया। इस मामले में प्रधान के तीन बेटों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इस पर मंगलवार को प्रधान के समर्थकों ने नाराजगी जताई। ग्रामीणों का कहना है कि हमलावर प्रधान के घर चढ़ आए और प्रधान के बेटे के साथ गालीगलौज वह जान से मारने की नियत से फायरिंग की। जब लोगों ने दौड़ाया तो हमलावर भागे। गाड़ी पोल से टकराकर पलट गई और करंट से वाहन में आग लग गई, जिससे सभी पांच हमलावरों की मौत हो गई, जबकि पुलिस ने प्रधान के बेटों को आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया। वहीं पुलिस ने प्रधान पक्ष की रिपोर्ट भी नहीं लिखी है। ग्राम प्रधान रामश्री, रीता, उमेश, हरिकेश, रामनरेश, छोटेलाल आदि ने बताया कि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए। अन्यथा आंदोलन चलाया जाएगा।