रायबरेली। शहर की पीएचसी देवानंदपुर के चिकित्सक पिछले पांच दिनों से गैरहाजिर हैं। शनिवार को सीएमओ डॉ. डीके सिंह व जिला शहरी स्वास्थ्य समन्वयक विनय पांडेय ने पीएचसी का निरीक्षण किया तो फार्मासिस्ट इंद्रेश कुमार तिवारी ओपीडी में दवा वितरित करते मिले।
दोपहर एक बजे से पहले स्टाफ नर्स भी अस्पताल से चली गईं थीं। अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से बदहाल मिलीं। सीएमओ ने डॉक्टर और स्टाफ नर्स का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है। पीएचसी महज एक डॉक्टर के भरोसे संचालित है।
शनिवार को सीएमओ डॉ. डीके सिंह की टीम ने शहर की पीएचसी देवानंदपुर में छापा मारा। उपस्थिति रजिस्टर को चेक किया तो अस्पताल के इकलौते डॉ. गौरव त्रिवेदी एक जनवरी से गैरहाजिर मिले।
स्टाफ नर्स ललिता के हस्ताक्षर उपस्थिति पंजिका पर मिले, लेकिन वे अस्पताल में मौजूद नहीं मिलीं। फार्मासिस्ट इंद्रेश कुमार तिवारी ओपीडी कर रहे थे। 22 मरीजों का इलाज भी किया और दवा भी बांटी।
स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली नाराजगी जताते हुए गैरहाजिर डॉक्टर व स्टाफ नर्स का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है।
सीएमओ डॉ. डीके सिंह ने बताया कि पीएचसी देवानंदपुर में फार्मासिस्ट ओपीडी कर रहा था। डॉ. गौरव त्रिवेदी बीती एक जनवरी से गैरहाजिर चल रहे हैं। जवाब आने के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी।