रायबरेली। कोर्ट ने दहेज के लिए महिला की हत्या करने वाले पति व सास-ससुर को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
साथ ही दोषियों पर आठ-आठ हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश चित्रा शर्मा ने सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) दिनेश श्रीवास्तव के मुताबिक मामले की रिपोर्ट गुरुबक्शगंज थाना क्षेत्र के बरगदिहा मजरे बरउवा निवासी राजदेव ने दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट के अनुसार वादी की बहन भगवानदेई की शादी घटना से करीब दो साल पहले इसी थाना क्षेत्र के लालता का पुरवा मजरे सुल्तानपुर खेड़ा निवासी रामसुख यादव के साथ हुई थी।
आरोप लगाया गया था कि दहेज की मांग को लेकर बहन को उसका पति रामसुख, सास रामदुलारी, ससुर रामप्रकाश उर्फ ओमप्रकाश प्रताड़ित करते थे।
27 अप्रैल 1998 को बहन की मौत होने की सूचना पर वादी उसकी ससुराल पहुंचा तो वहां बहन की लाश पड़ी थी। पुलिस ने विवेचना के बाद पति रामसुख, सास रामदुलारी व ससुर रामप्रकाश उर्फ ओमप्रकाश के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद तीनों दोषियों को सजा सुनाई।