खुलेआम अनाज वितरण में धांधली, जांच के नाम पर लीपापोती
रायबरेली। जिले में कोटे की दुकानों पर अनाज वितरण में जमकर मनमानी की जा रही है। विरोध करने पर गरीबों की पिटाई भी की जा रही है।
कहीं शिकायत भी कर दिया तो जांच में लीपापोती कर निपटा दिया जाता है। राष्ठ्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत बनाए गए पात्र गृहस्थी व अंत्योदय कार्ड में सदर तहसील में गोरखधंधा करने वाले आपूर्ति निरीक्षक को ही शिकायतों के निस्तारण के साथ ही सदर तहसील खाद्य सुरक्षा अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। पूर्व में डीएसओ पर तो कार्रवाई की गई, लेकिन गोरखधंधे में शामिल अधिकारी लंबे समय में जिले में ही तैनात हैं।
जिले में 1300 से अधिक कोटे की दुकानें हैं। हर रोज तहसीलों में कोटेदारों की मनमानी की शिकायतें पहुंचती हैं, लेकिन जांच के नाम पर अधिकारी अपनी जेबें गर्म करने में जुटे हैं।
सलोन और ऊंचाहार में तो बाबू की सारा काम करते हैं। बताते हैं कि यहां आपूर्ति निरीक्षकों से ज्यादा इन बाबुओं का विभाग में दबदबा है।
खुलेआम घटतौली कर गरीबों के हक पर डाका डाला जा रहा है, लेकिन कोटेदारों के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर खानापूरी की जा रही है।
राशन कार्डों की जांच के नाम पर मनमानी की जा रही है। कहीं यूनिटें काटी जा रही हैं तो कहीं सेटिंग कर यूनिटें जोड़ी जा रही हैं। अधिकारी भी इस पर अंकुश नहीं लगा पा रहे हैं।
नसीराबाद थाना क्षेत्र के बिरनावां गांव में कोटेदार की मनमानी और राशन घपले का विरोध करने पर महिला को कोटेदार के बेटे ने गोली मार दी थी।
आरोप है कि कोटेदार गरीबों का राशन डकार रहा था, लेकिन बार-बार शिकायत के बाद भी अफसरों ने जांच को दबा दिया। यही नहीं ऊंचाहार क्षेत्र के बेहरामऊ के कोटेदार ने घटतौली का विरोध करने पर गरीब महिला कलावती की पिटाई कर दी गई थी।