नहीं चलेगी कोई मजबूरी, वोट डालना बहुत जरूरी
रायबरेली। चलने-फिरने में दिक्कत है। इसलिए घर से निकलना मुश्किल रहता है। कोई सहारा न हो तो रोजमर्रा की जरूरतें भी पूरी नहीं हो पाती हैं। ऐसी हालत मेें भी दिव्यांगों में वोट डालने को लेकर एक जिम्मेदारी का अहसास दिखा। किसी परिचित का सहारा लेकर मतदान केंद्रों तक पहुंचे दिव्यांगों ने कहा कि हर बार अपनी सरकार और अपना प्रतिनिधि चुनने के लिए जाते हैं। चलने-फिरने की मजबूरी है तो क्या हुआ, वोट डालना भी जरूरी है। लोकतंत्र ने हमें इतना बड़ा अधिकार दिया है तो इसका इस्तेमाल करना भी हमारा दायित्व है। मतदान से किसी को मुंह नहीं मोड़ना चाहिए।
नगर पालिका रायबरेली के चुनाव के लिए विजय शंकर श्रीवास्तव और रामगोपाल बारी किसी न किसी का सहारा लेकर मतदान केंद्र पहुंचे थे। एक-एक कदम आगे बढ़ाना मुश्किल काम था, फिर भी वोट डालने के लिए पूरे उत्साह के साथ जा रहे थे। धर्मराजी शुक्ला ने कहा कि वोट डालने के लिए कोई मजबूरी नहीं चलेगी। अपनी पसंद का प्रतिनिधि चुनने के लिए हर किसी को मतदान करना चाहिए। मतदान हमारा अधिकार है। राम अधार को भी लेकर उनका सहयोगी मतदान केंद्र पहुंचा। काफी दिक्कत हो रही थी, फिर भी उत्साहित राम अधार वोट डालने के लिए पहुंचे। कहा कि वोट डालना जरूरी है। आईटीआई कॉलोनी निवासी रामप्रसाद बघेल किसी तरह मतदान केंद्र पहुंचे। इधर-उधर भटकते रहे, लेकिन उनका नाम ढूंढे नहीं मिला। उन्होंने कहा कि इतनी मुश्किल से घर से निकल कर वोट पहुंचे थे, लेकिन वोटर लिस्ट से नाम ही गायब है तो मायूस होकर लौटना पड़ा।
नगर पंचायत सलोन में हाशिम काजमी ने कहा कि मतदान के लिए कोई बहाना नहीं चलेगा। इसी क्षेत्र में दिव्यांग दंपती श्यामशरण गुप्ता और नीतू गुप्ता ने कहा कि मतदान के जरिए ही अच्छे प्रतिनिधि चुने जा सकते हैं। नगर पंचायत बछरावां में नरसिंह भी काफी उत्साहित नजर आए। नगर पंचायत सलोन में वसीम अहमद और अब्दुल वहाब खां ने कहा कि मजबूरी है तो क्या हुआ, वोट डालना भी जरूरी है। नगर पंचायत डलमऊ में तहरुन निशा ने भी वोट डालने में कोई कोताही नहीं की। नगर पंचायत परशदेपुर में इरफान और नगर पंचायत सलोन में रामनारायण साहू, नगर पंचायत बछरावां में गणेश कुमार, नगर पंचायत ऊंचाहार में शफीक और नगर पंचायत परशदेपुर में नगमा ने वोट डालकर मतदान के प्रति अपना जज्बा दिखाया।