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एनटीपीसी ने बढ़ाई चौकसी, कराई वीडियोग्राफी

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एनटीपीसी ने बढ़ाई चौकसी, कराई वीडियोग्राफी
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क्रासर
मजदूरों का नाम, पता, गेट पास पूछकर ही किया गया अंदर
सुरक्षा में तैनात जवान लिस्ट से मिलान कर ही भेज रहे यूनिट
अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली। एनटीपीसी में हुए हादसे के बाद से प्रबंधन ने न सिर्फ सुरक्षा बंदोबदस्त कड़े कर दिए हैं, बल्कि परिसर में जाने वालों की कड़ी निगरानी के साथ कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। वह चाहे कर्मचारी हो या फिर यूनिटों में काम करने वाले श्रमिक। एनटीपीसी परिसर में सीआईएसएफ के जवान भी चहलकदमी करते नजर आए। मीडिया वालों को देखकर तो इन जवानों की नजरें टेढ़ी हो जाती हैं और तुरंत सवाल करते हैं कि गेट पास कहां है। यह सुनकर मीडिया कर्मी हल्की तकरार करने के बाद पीछे हट जाते हैं।
एनटीपीसी में शनिवार का दिन बिलकुल बदला हुआ था। गेट पर आने वालों से यही सवाल कि नाम क्या है। कहां रहते हो। गांव कौन सा है। पिता का नाम क्या है। परिचय पत्र है या नहीं। इन सवालों का जवाब देने वाले ही अंदर जा पाए। यही नहीं, सुरक्षा में तैनात जवान इन श्रमिकों का अपनी सूची से मिलान करते भी नजर आए। हर श्रमिक की बाकायदा तलाशी ली गई और गहन पूछताछ के बाद ही अंदर जाने दिया गया। इस संबंध में एक जवान से पूछा गया तो उसने उल्टे आंखें तरेरी और कहा कि अधिकारियों का आदेश है।
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एनटीपीसी में सुरक्षा पहले से भी थी, लेकिन इस तरह की नहीं थी कि तमाम सवालों के जवाब देने के बाद ही अंदर प्रवेश हो। शनिवार को एक गेट पर सुरक्षा गार्ड के बगल में एक व्यक्ति खड़ा होकर वीडियो कैमरा चला रहा था। पूछने पर पलटा, लेकिन कोई जवाब नहीं दिया। यही नहीं, सुरक्षा कर्मी ने भी कहा कि क्यों पूछ रहे हो। जाहिर है कि अंदर जाने वालों की वीडियोग्राफी कराई जा रही होगी।
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इनसेट
सुरक्षा कारणों से किया जा रहा : जीएम
एनटीपीसी के जीएम आरके सिन्हा का कहना है कि परिसर की सुरक्षा बढ़ाई गई है। ऐसा सुरक्षा कारणों से किया गया है। जांच कमेटी की फोटो न खिंचवाने, काम करने वालों की गेट पर चेकिंग बढ़ाने, वीडियोग्राफी कराने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह सब सुरक्षा व गोपनीयता का मामला है।
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