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दूसरे दिन भी शिक्षामित्रों ने भरी हक के लिए हुंकार

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दूसरे दिन भी शिक्षामित्रों ने भरी हुंकार
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रायबरेली। समायोजन रद्द किए जाने से खफा शिक्षामित्रों का गुस्सा गुरुवार को भी सड़क पर रहा। विकास भवन में धरना-प्रदर्शन किया, और डिग्री कॉलेज चौराहे पर जाम लगाकर हक के लिए हुंकार भरी। कहा कि उनकी मांग पर जल्द विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन की अगुवाई में शिक्षामित्रों ने विकास भवन परिसर में धरना दिया। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह, जिला महामंत्री पुष्पेंद्र त्रिवेदी ने कहा कि समायोजन रद्द किए जाने के बाद भी पीएम-सीएम का कोई बयान नहीं आया है, जिससे हम सभी आहत हैं। सरकार को शिक्षामित्रों की बेहतरी के लिए कोई न कोई प्रयास किया जाए। ऐसा न किया गया तो शिक्षामित्र भुखमरी के कगार पर पहुंच जाएंगे। प्रदेशीय उपाध्यक्ष लक्ष्मी प्रताप सिंह और जिला संयोजक अजय प्रताप सिंह ने कहा कि यदि सरकारों की ओर से उचित निर्णय न लिया गया तो आंदोलन उग्र रूप में किया जाएगा। इसके बाद डिग्री कॉलेज चौराहे पर जाम लगा दिया। इस दौरन नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। जाम से आवागमन ठप हो गया। वाहन जहां के तहां खड़े हो गए।
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इस दौरान सभी ने कहा कि बुधवार को शिक्षामित्र रमेश पाल निवासी चकवापुर मजरे चकमलिक भींटी की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। पीड़ित परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दी जाए। जाम की सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट आलोक कुमार और पुलिस मौके पर पहुंची। सिटी मजिस्ट्रेट ने शिक्षामित्रों को समझाया और उनसे ज्ञापन लिया। इस पर सभी ने जाम हटा लिया। इस मौके पर विष्णु शरण मौर्य, राज बहादुर यादव, संकठा प्रसाद, अशोक मौर्य, जयवर्द्धन सिंह समेत तमाम शिक्षामित्र मौजूद रहे।
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