शिक्षा के मंदिरों में दिखा पुराना ढर्रा, रजिस्टर पर ही लगी हाजिरी
सीन एक : यहां तो 1 जुलाई को ही लग गई थी मशीन
बस स्टेशन से कुछ दूरी पर महात्मा गांधी इंटर कॉलेज स्थापित है। यहां का नजारा बदला था। वजह बॉयोमीट्रिक मशीन लगी थी। बाकायदा कर्मचारी रामहर्ष हाजिरी लगाते दिखे। प्रधानाचार्य राजेश कुमार त्रिवेदी का कहना था कि मैनेजमेंट की तरफ से 1 जुलाई को ही यहां पर मशीन लगा दी गई थी। इससे शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता आएगी।
सीन दो : बजट की व्यवस्था होने पर लगेगी मशीन
फुरसतगंज कस्बा स्थित राजकीय इंटर कॉलेज फुरसतगंज में भी बॉयोमीट्रिक मशीन नहीं लग दिखी। यहां पर 12 शिक्षक, एक बाबू और छह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तैनात हैं। कॉलेज प्रवक्ता इंद्र कुमार कहते हैं कि बॉयोमीट्रिक मशीन की जिम्मेदारी उच्चाधिकारियों की है। बजट की व्यवस्था करने पर मशीन लगाई जाएगी। वैसे यह व्यवस्था शुरू हो जाए तो अच्छा कदम है।
सीन तीन : रजिस्टर पर हस्ताक्षर करते मिले शिक्षक
सरेनी ब्लॉक क्षेत्र के लाल बहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज में बॉयोमीट्रिक मशीन लगी नहीं दिखी। शिक्षक दिनेश द्विवेदी रजिस्टर पर हस्ताक्षर करते दिखे। यहां पर करीब 600 बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। प्रधानाचार्य सुधांशु कुमार मिश्रा कहते हैं कि मशीन लगाने का अभी तक कोई आदेश नहीं आया है। आदेश आने पर व्यवस्था होगी।
रायबरेली। सभी सरकारी स्कूल-कॉलेजों में 25 जुलाई मंगलवार से बॉयोमीट्रिक हाजरी लगने के निर्देश के बावजूद जिले के शिक्षा के मंदिरों में पुराना ढर्रा ही नजर आया। गुरुजी पर लेटलतीफी हावी दिखी। न कोई पूछने वाला न कोई देखने वाला। अमर उजाला ने मंगलवार को शहर से लेकर देहात क्षेत्रों के इंटर कॉलेजों की पड़ताल की तो यही तस्वीर सामने निकलकर आई।
सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए 25 जुलाई से बॉयोमीट्रिक मशीन के जरिए हाजिरी लगाने के निर्देश तो जारी किए गए, लेकिन यह व्यवस्था पहले दिन ही धड़ाम हो गई। सरकारी 35 और एडेड 46 इंटर कॉलेज में से इक्का-दुक्का स्कूलों को छोड़ दिया जाए तो कहीं पर यह व्यवस्था नहीं दिखी। खास बात ये रही कि ऐसे कई स्कूल मिले, जहां पर पूछताछ के दौरान यह बात भी सामने आई है कि बॉयोमीट्रिक मशीन लगाने का आदेश तक नहीं आया। यही नहीं कई ऐसे शिक्षक रहे, जिन्हें यह तक पता नहीं था कि यह बॉयोमीट्रिक मशीन क्या होती है। ऐसे सवाल उठना लाजिमी है कि धरातल पर यह व्यवस्था कैसे उतरेगी।
रायबरेली-कानपुर राजमार्ग पर पुलिस लाइंस स्थित शहर का राजकीय बालिका इंटर कॉलेज पर बायोमैट्रिक हाजिरी लगाने की व्यवस्था शुरू नहीं हो पाई। वैसे तो स्कूल सुबह 7.30 बजे शुरू हो जाता है, लेकिन यहां पर तैनात शिक्षिकाएं लेटलतीफ ही आती हैं। आचार्य द्विवेदी इंटर कॉलेज में भी बॉयोमीट्रिक हाजिरी मशीन नहीं लगी दिखी। नतीजतन यहां पर रोज की तरह ही शिक्षकों ने रजिस्टर पर हाजिरी लगाई। डीह प्रतिनिधि के अनुसार सलोन तहसील क्षेत्र में स्थित राजकीय हाईस्कूल सूची में बॉयोमीट्रिक हाजिरी मशीन नहीं लगाई गई है। प्रधानाचार्य राजेश यादव का कहना है कि बजट की व्यवस्था नहीं कराई गई है।
बछरावां प्रतिनिधि के अनुसार ब्लॉक क्षेत्र के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में भी बॉयोमीट्रिक हाजिरी मशीन नहीं मिली। प्रधानाचार्या नमिता सिन्हा कहती हैं कि अभी तो रजिस्टर पर हाजिरी लगाई जा रही है। जल्द ही मशीन लगवाई जाएगी। श्री गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज में भी नजारा पहले की तरह ही दिखा। शिक्षक अपनी उपस्थिति रजिस्टर पर ही दर्ज करा रहे थे। यही नहीं कई ऐसे शिक्षक रहे, जो समय से स्कूल नहीं पहुंच सके। शिवगढ़ प्रतिनिधि के अनुसार ब्लॉक क्षेत्र का जनता इंटर कॉलेज गूढ़ा में मंगलवार को शिक्षक उपस्थिति रजिस्टर पर ही दर्ज करा रहे थे। यही हाल जनता इंटर कॉलेज गूढ़ा का रहा, जहां पर बॉयोमीट्रिक मशीन नहीं लग सकी। पहले की तरह ही रजिस्टर पर उपस्थिति दर्ज कराई जा रही थी। फुरसतगंज प्रतिनिधि के अनुसार मलिक मोहम्मद भारतीय इंटर कॉलेज में मंगलवार को बॉयोमीट्रिक हाजिरी मशीन नहीं लगी दिखी। यहां पर 12 शिक्षक और आठ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तैनात हैं। प्रधानाचार्य नरेंद्र बहादुर सिंह का कहना है कि जानकारी मिली है। जल्द मशीन लगेगी। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज जायस में भी मशीन नहीं लगी मिली। साथ ही यहां पर पहले की तरह ही रजिस्टर पर हाजिरी लगाई जा रही थी। तिलोई प्रतिनिधि के अनुसार तहसील क्षेत्र के श्री सुभाष पशुपतिनाथ विद्यापीठ इंटर कॉलेज तिलोई के प्रधानाचार्य प्रेम कुमार मिश्रा का कहना है कि कोई आदेश नहीं आया है। आदेश मिलने पर बॉयोमीट्रिक हाजिरी मशीन लगवाई जाएगी। इसी तरह राजा विश्वनाथशरण इंटरमीडिएट कॉलेज तिलोई में भी मशीन नहीं लगी है। प्रधानाचार्य अवधराज सिंह का कहना है कि आदेश आने पर बॉयोमीट्रिक हाजिरी मशीन लगवाई जाएगी। ऐसा होने से शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा।
मशीन लगने से समय पर पहुंचना होगा स्कूल
रायबरेली। जीजीआईसी रायबरेली की प्रिंसिपल पार्वती त्रिपाठी, जीजीआईसी रायबरेली की शिक्षिका अर्चना दिवाकर, जीआईसी रायबरेली के उप प्राचार्य महेंद्र सिंह, जीजीआईसी जायस की शिक्षिका मीनू सिंह कहती हैं कि स्कूलों में बॉयोमीट्रिक हाजिरी मशीन लगाने का कदम अच्छा है। लेकिन इसके लिए मशीनों की व्यवस्था कराई जाए। जीजीआईसी जायस की शिक्षिका ऊषा जायसवाल, जीआईसी फुरसतगंज के शिक्षक राकेश कुमार, जीआईसी फुरसतगंज के शिक्षक राजेश सिंह, मलिक मोहम्मद भारतीय इंटर कॉलेज जायस के प्रिंसिपल नारेंद्र बहादुर सिंह कहते हैं कि बॉयोमीट्रिक मशीन लगने से सबको समय से स्कूल पहुंचना पड़ेगा। अभी किसी शिक्षक को देर से आने पर टोको तो वह गुस्सा हो जाता है। मशीन लगने पर यह नहीं होगा। स्वयं शिक्षक समय से स्कूल पहुंचेंगे। जनता इंटर कॉलेज गूढ़ा के प्रधानाध्यापक अश्वनी अवस्थी, छठिलाल गुप्ता और बरखंडी विद्या पीठ इंटर कॉलेज के शिक्षक शत्रोह्न सिंह और इंचार्ज प्रधानाध्यापक राजकुमार गुप्ता का कहना है कि बॉयोमीट्रिक मशीन लगने से शिक्षा व्यवस्था में सुधार आएगा।
जिले के जितने भी कॉलेज हैं, वहां के प्रधानाचार्यों को निर्देश देकर बॉयोमीट्रिक हाजिरी मशीन लगवाने के निर्देश दिए गए हैं। एक-दो कॉलेजों में यह व्यवस्था हो गई है। ऐसा न करने वाले प्रधानाचार्यों के खिलाफ कार्रवाई होगी।- गिरधारीलाल कोली, जिला विद्यालय निरीक्षक