मुख्य सचिव ने जिले में अरबों के विकास कार्यों की जांच के आदेश दिए। लेकिन 17 लापरवाह अफसरों ने आदेश को ताक पर रखा। जांच करके रिपोर्ट देने के लिए दो बार मोहलत दी गई, लेकिन जवाब नहीं दिया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने गुरुवार को जिला स्तरीय छह इंजीनियरों समेत 17 अधिकारियों का अप्रैल का वेतन रोक दिया है। डीएम ने वरिष्ठ कोषाधिकारी को अग्रिम आदेशों तक संबंधित अधिकारियों के वेतन का भुगतान न करने का आदेश दिया है।
शासन द्वारा लोहिया गांवों के साथ ही अरबों की लागत से कराए गए विकास कार्यों की गुणवत्ता जांचने के आदेश दिए थे। मुख्य सचिव के निर्देश पर डीएम सूर्यपाल गंगवार ने 50 गांवों में विकास कार्यों की जांच की जिम्मेदारी छह इंजीनियरों समेत 17 अधिकारियों को दी। सभी अधिकारियों को 27 से 30 अप्रैल के बीच जांच कर 1 मई तक रिपोर्ट देने के आदेश दिए थे।
1 मई तक रिपोर्ट न आने पर अधिकारियों को 4 मई की शाम तक हरहाल में रिपोर्ट देने के आदेश दिए, लेकिन मनमाने अफसरों ने समय से रिपोर्ट नहीं दी। जांच रिपोर्ट उपलब्ध न कराने पर गहरी नाराजगी जताते हुए डीएम ने गुरुवार को छह इंजीनियरों समेत 17 जिला स्तरीय अधिकारियों का अग्रिम आदेशों तक अप्रैल का वेतन रोक दिया है। डीएम ने वरिष्ठ कोषाधिकारी को किसी भी दशा में वेतन न देने का आदेश दिया है।