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आत्महत्या को दुष्प्रेरित करने वाले ससुर को दस साल की कैद

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रायबरेली। कोर्ट ने बहू को आत्महत्या के लिए उकसाने वाले ससुर को दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही पांच हजार का अर्थदंड भी लगा है। यह फैसला कोर्ट संख्या एक के अपर सत्र न्यायाधीश रामकृपाल ने सोमवार को सुनाया।
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अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) अवधेश पांडेय व विवेक सिंह राठौर के मुताबिक रिपोर्ट डीह थाना क्षेत्र के पूरे गुलाबगंज मजरे खोरहटी निवासी व मृतका के पिता साहबदीन ने लिखाई थी। रिपोर्ट के अनुसार वादी की बेटी चंद्ररानी का विवाह घटना के करीब आठ वर्ष पूर्व डीह थाना क्षेत्र के दुर्गापुर मजरे रोखा निवासी रामकरन के साथ हुआ था।


वादी व दामाद रामकरन लुधियाना में काम करते थे। 22 नवंबर 2014 को दुर्गापुर में मेला व रात में नौटंकी थी। ससुर रामेश्वर व सास राजरानी वादी की बेटी चंद्ररानी को बहला-फुसला कर नौटंकी दिखाने को कहकर ले जा रहे थे। रास्ते में बेटी को कुएं में गिरा दिया।
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साक्ष्य मिटाने के लिए चंद्ररानी के छह साल के बेटे कपिल को भी कुएं में फेंक दिया। इससे चंद्ररानी व कपिल दोनों की मौत हो गई। पुलिस ने विवेचना के बाद ससुर रामेश्वर के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर अभियुक्त रामेश्वर को सजा सुनाई। अभियुक्त को जेल भेज दिया गया।
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