रायबरेली। अवैध निर्माण कराने वाले बिल्डर काम होने के बाद भी धनराशि आरडीए में जमा नहीं कर रहे हैं। अब तक की पड़ताल में करीब 27 बिल्डरों ने 60 लाख रुपये जमा नहीं किया है। मामला पकड़ में आने के बाद डीएम के आदेश पर सचिव ने सभी बिल्डरों को नोटिस देकर एक सप्ताह में राशि जमा करनेे के आदेश दिए गए हैं। ऐसा न करने पर अवैध भवनों के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू किए जाने की चेतावनी दी गई है।
शहर में अवैध भवनों का चालान करके सीलिंग की प्रक्रिया शुरू की जाती है। सीलिंग से बचने के लिए बिल्डर अग्रिम में कुछ धनराशि जमा कराकर भवन की कंपाउंडिंग के लिए आवेदन कर देते हैं। अग्रिम जमा होने के कारण आरडीए से कार्रवाई की प्रक्रिया थम जाती है। साथ ही बिल्डर इसी आड़ में भवन का काम भी पूरा करा लेते हैं।
आरडीए में अब तक की पड़ताल में 27 ऐसे बिल्डर मिले हैं, जिन्होंने अग्रिम धन जमा करने के बाद बकाया 60 लाख रुपये जमा नहीं किए हैं। जोन के अवर अभियंता भी सेटिंग करके चुप्पी साधे बैठे हैं। डीएम के निर्देश पर सचिव ने धनराशि जमा न करने वाले बिल्डरों व उनके भवनों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
शहर के जनरवाताल निवासी कुसुम सिंह, तिलकनगर निवासी सुचेता त्रिपाठी, देवानंदपुर निवासी गिरजाशंकर तिवारी, तेलियाकोट निवासी जेबा खातून, शिवाजी नगर निवासी आलोक श्रीवास्तव, सरावां निवासी शिवाकांत, शहजादा कोठी निवासी श्रीश कुमार त्रिपाठी, बस स्टेशन रोड निवासी अभय सिंह समेत 27 बिल्डरों को नोटिस देकर सात दिन में बकाया राशि जमा करनेे के आदेश दिए हैं। ऐसा न करने पर भवन के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
आरडीए के सचिव एके राय ने कहा कि अग्रिम धन जमा करने के बाद शेष राशि जमा न करने वाले 27 भवनों के मालिकों को नोटिस दी गई है। करीब 60 लाख रुपये बकाया है। राशि जमा न करने पर भवनों के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू करा दी जाएगी।
लक्ष्य में पीछे पांच अवर अभियंताओं को नोटिस
प्रवर्तन कार्य में लगे अवर अभियंता ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। सितंबर से 110 लाख रुपये का लक्ष्य पूरा करना था, लेेकिन 80 लाख रुपये ही जमा कराए गए हैं। मामले में नाराजगी जताते हुए सचिव ने प्रवर्तन के अवर अभियंता राम मनोहर द्विवेदी, विनय श्रीवास्तव, धनेश कुमार, रबीश अग्रवाल व सुनील त्यागी को नोटिस देेकर लक्ष्य पूरा करने के आदेश दिए हैं। ऐेसा न करने पर कार्रवाई की चेेतावनी दी है।