रायबरेली। राजस्व परिषद के आदेश पर लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष समेत 10 और लेखपालों को शुक्रवार को निलंबित कर दिया गया है।
जबकि 192 नए लेखपालों को नोटिस देकर सेवा से बर्खास्त करने की चेतावनी दी गई है। योगी सरकार की ओर से लेखपालों की हड़ताल को असंवैधानिक घोषित किया जा चुका है।
इसके बाद भी लेखपालों ने हड़ताल खत्म नहीं की है। गुरुवार को भी तीन लेखपालों को सस्पेंड किया गया था। ऐसे में अब निलंबित लेखपालों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है।
विभिन्न मांगों को लेकर लेखपाल हड़ताल पर हैं। इससे आय, जाति प्रमाणपत्र जारी करने के साथ ही अन्य कार्य ठप हैं। भूमाफिया पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
शासन की मंशा वाले अन्य कार्य भी प्रभावित हो गए हैं। शासन ने लेखपालों की हड़ताल को असंवैधानिक घोषित करके लेखपालों को काम पर लौटने के आदेश दिए थे।
शासन के आदेश के बाद भी लेखपालों ने हड़ताल को खत्म नहीं किया है। राजस्व परिषद के आदेश पर लेखपाल संघ के जिला व तहसील स्तरीय सभी अध्यक्षों व महामंत्रियों को निलंबित कर दिया गया है।
इसमें सदर एसडीएम ने लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष रामपाल यादव को निलंबित कर दिया है। महराजगंज एसडीएम ने जितेंद्र सिंह चौहान, रामानुज मिश्रा, सलोन एसडीएम ने संतलाल, जय प्रताप सिंह, कुलदीप सिंह, डलमऊ एसडीएम ने राजेंद्र प्रजापति व अजय यादव व ऊंचाहार एसडीएम ने लेखपाल अमरनाथ व शंकरलाल को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा 192 नए लेखपालों को उनकी सेवा समाप्ति का नोटिस दिया गया है।