51 समितियों में कड़ी सुरक्षा के बीच हुआ चुनाव
रायबरेली। संचालक सदस्यों के चयन के लिए सोमवार की जिले की 51 साधन सहकारी समितियों में कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान और उसके बाद मतगणना हुई। गहमागहमी के माहौल में मतगणना के बाद विजयी सदस्यों की घोषणा की गई।
जिले की 160 साधन सहकारी समितियों के साथ ही एक-एक दुग्ध व श्रम समिति के संचालक मंडल का चुनाव चल रहा है। नामांकन के बाद 51 समितियों में संचालक सदस्य पदों के लिए एक से अधिक प्रत्याशी होने के कारण सोमवार को कड़ी सुरक्षा में मतदान शुरू हुआ। प्रत्याशियों व उनके समर्थकों ने एक-एक वोट पर नजर रखी। जगतपुर ब्लॉक की साधन सहकारी समिति नवाबगंज में कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान हुआ। मतदान के बाद शाम को हुई मतगणना में रजोले व प्रभाकर को विजयी घोषित किया गया।
ऊंचाहार ब्लॉक की साधन सहकारी समिति सवैया हसन से राधेश्याम व मोअज्जम ने जीत हासिल की। किशुनदासपुर से अजय शंकर, रामफेर, सज्जनलाल व हारुन को विजयी घोषित किया गया। खरौली समिति के कंदरावां प्रथम से अजय प्रताप, द्वितीय से राजेश कुमार सिंह व तृतीय से सुशील कुमार व चतुर्थ से राजवती विजयी घोषित हुईं। रामसांडा समिति से दीपेंद्र सिंह व छविनाथ जीते। ऊंचाहार समिति के अरखा प्रथम से राममिलन, द्वितीय से गुलाब सिंह व जगतपाल तथा जसौली से मतऊ को जीत मिली। शिवगढ़ प्रतिनिधि के अनुसार आरओ जय सिंह पाल ने बताया कि] खजुरों में परमानंद को 16 मत तथा उपविजेता रामदेव को 14 मत मिले। बैंती समिति से सुरेश चंद्र को 46 व हरिशंकर को 40 मत प्राप्त हुए। अछई बसंतपुर समिति में पीर अली को नौ व रामकुमार को सात मत मिले।
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अमेठी में भी समितियों का चुनाव
फुरसतगंज। अमेठी जिले की साधन सहकारी समितियों में भी सदस्यों के लिए मतदान हुआ। जिला सहकारी सीमित ब्रह्मनी प्रथम से सुनदारा चुनाव जीतीं। रामपुर जमालपुर में लॉटरी से जयकरन मौर्या को विजयी घोषित किया गया। इस मौके पर सचिव अंबिका मौर्या, ओपी यादव, कोतवाल प्रेमपाल सिंह दल-बल के साथ मौजूद रहे।
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162 समितियों में चुनाव आज
साधन सहकारी समितियों के संचालक सदस्यों का चुनाव होने के बाद 30 जनवरी को जिले की 162 साधन सहकारी समितियों के सभापति, उपसभापति और विभिन्न समितियोें लिए डेलीगेट का चुनाव होगा। चुनाव में जीते सदस्य ही इन पदाधिकारियों का चुनाव करेंगे। एआर सवींद्र सिंह ने बताया कि, समितियों के सदस्यों का चुनाव हो गया है। अब 30 जनवरी को सभापति, उपसभापति और अन्य समितियों के डेलीगेट का चुनाव होगा। इसके लिए कडे़ दिशा-निर्देश दिए गए हैं।