माइनर की सफाई में खेल, किसानों ने रोका कार्य
बछरावां (रायबरेली)। सिंचाई विभाग की नहरों की सफाई में मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। बछरावां माइनर की सफाई मनमाने ढंग से होने से खफा किसानों ने बुधवार को काम बंद करा दिया और अफसरों और ठेकेदार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कहा कि नहर झाड़ियों से पटी है, जबकि नीचे से केवल सिल्ट हटाई जा रही है। सिल्ट भी पटरियों पर रखी जा रही है, जो बरसात में उसी नहर में गिर जाएगी। सभी ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप करके मानक के अनुरूप से सफाई कराने की मांग की।
बछरावां माइनर से बछरावां, देवपुरी, बहादुरनगर, जलालपुर, कसरावां समेत एक दर्जन गांवों के लगभग दो हजार किसानों की सैकड़ों एकड़ फ सल की सिंचाई करते हैं। यह माइनर विगत कई वर्षों से सिल्ट व झाड़ झंखाड़ से पटी पड़ी थी। विभाग ने साफ सफ ाई के नाम पर मात्र खानापूरी की जाती रही। जेसीबी से माइनर की मानक विहीन सफाई कराई जा रही है। आधी मिट्टी तो उसी समय नहर में गिर जाती है। शेष मिट्टी बरसात के दिनों में पानी के साथ नहर में बह जाएगी। इससे नहर फिर जैसी की तैसी हो जाएगी।
नगर पंचायत बछरावां के नवनिर्वाचित अध्यक्ष शिवेंद्र सिंह की अगुवाई में ज्ञान सिंह, मयंक, रंजन द्विवेदी, इंद्रेश वर्मा, सत्येंद्र चौधरी, दिलीप, बिहारी आदि ने काम रोकवा दिया। कहा कि मानक के हिसाब से ही माइनर की सफाई कराई जाए। सिंचाई विभाग के एसडीओ भरतलाल गोसाई ने बताया कि मामले की जानकारी हुई है। जांच कराई जाएगी और मानक के हिसाब से ही सफाई कराई जाएगी।