राइसमिल संचालक व वाहन मालिकों को दिए गए राशन कार्ड
- 15 सदस्यीय टीम की जांच में हुआ खुलासा
- प्रधान ने पात्रों के नाम हटाने का लगाया आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
परशदेपुर (रायबरेली)। नगर पंचायत नसीराबाद में गुरुवार को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत दिए गए कार्डों की जांच की। जांच में चार पहिया वाहन मालिक, राइस मिल संचालकों को राशन दिए गए। जांच के बाद कार्ड वितरण में मनमानी की बात सामने आई है। टीम ने जांच रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दी है। उधर, ग्राम प्रधान रहमा फात्मा ने आरोप लगाया है कि पात्रों के नाम सूची हटा दिए गए हैं। इतना ही छतोह ब्लॉक प्रमुख की पत्नी को भी पात्र परिवारों में शामिल किया गया है।
डीएम के निर्देश पर नगर पंचायत नसीराबाद में राशन कार्ड सत्यापन की जांच कराई गई। एसडीएम ने 15 सदस्यीय टीम गठित कर कार्डों की जांच कराई तो फर्जीवाड़ा उजागर हुआ। आपूर्ति निरीक्षक सुखदेव सिंह की अगुवाई में हुई जांच में पात्र परिवारों की सूची में बड़े कास्तकारों के नाम उजागर हुए। चार पहिया वाहन मालिक व राइस मिल की मालकिन के नाम सूची में शामिल है। छतोह ब्लॉक प्रमुख सैय्यद अहमद की पत्नी का भी पात्र परिवार की सूची में नाम शामिल है। इसी तरह कई अन्य लोगों के नाम भी सूची में अंकित मिले, जबकि वह पात्रता की सूची में शामिल नहीं होते हैं।
उधर ब्लॉक प्रमुख सैय्यद अहमद ने बताया पात्र परिवारों सूची में नाम शामिल होने के बारे में कोई जानकारी नही थी। किसी ने जानबूझकर नाम डलवा दिया है। सलोन पूर्ति निरीक्षक सुखदेव सिंह से सूची से नाम काटने की शिकायत की शिकायत की गई थी। उधर, नसीराबाद प्रधान रहमा फात्मा ने आरोप लगाया कि सत्यापन करने आई टीम ने कोटेदार के समर्थकों को साथ लेकर पात्र लोगों के नाम सूची से कटवा दिए गए हैं।