खड़े ट्रक में घुसी एसयूवी, दो की मौत, 2 गंभीर
- गुरुबख्शगंज क्षेत्र में रायबरेली-कानपुर राजमार्ग पर दर्दनाक हादसा
- लखनऊ के रहने वाले थे मृतक, तेज रफ्तार बनी हादसे का कारण
अमर उजाला ब्यूरो
सतांव (रायबरेली)। गुरुबख्शगंज थाना क्षेत्र मेें सोमवार रात रायबरेली-कानपुर राजमार्ग पर खडे़ ट्रक में तेज रफ्तार एसयूवी जा घुसी। हादसे में चार युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। इसमें दो युवकों की मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ, जब चारों बारात में शामिल होने के बाद वापस जा रहे थे। मरने वाले युवक लखनऊ जिले के रहने वाले थे। पुलिस ने लिखापढ़ी के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। तहरीर पर पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने की बात कह रही है।
रायबरेली-कानपुर राजमार्ग पर जरिया गांव स्थित पुल के पास हाईवे किनारे ट्रक संख्या यूपी 51 एटी 0151 खड़ा था। इसी दौरान तेज रफ्तार काले रंग की एसयूवी पीछे से ट्रक के अंदर जा घुसी। इससे एसयूवी सवार चार युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हाईवे से गुजर रहे लोगों ने घटना की सूचना यूपी 100 पुलिस को दी। कुछ देर बाद पुलिस पहुंची और एसयूवी सवार सभी घायलों को बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टर नेे विशाल शुक्ला (29) पुत्र प्रमोद शुक्ला निवासी कुतलीखेड़ा थाना गोसाईगंज लखनऊ व पवन कुमार (28) पुत्र संतराम निवासी अतरौली थाना मोहनलालगंज जिला लखनऊ को मृत घोषित कर दिया। जबकि इंद्रेश (25) पुत्र हरिनाम और उदयराज निवासी फैजाबाद का इलाज चल रहा है। पुलिस के अनुसार एसयूवी सवार सभी लालगंज में बारात में शामिल होने के बाद घर वापस जा रहे थे, तभी हादसे का शिकार हो गए। दोनों मृतक ठेकेदारी करते थे। थानेदार मनोज सिंह का कहना है कि हादसे में दो युवकों की मौत हुई है, जबकि चार लोग घायल हुए हैं। तहरीर के आधार पर मामले में रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
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रफ्तार तेज न होती तो बच जाती जान
अटौरा चौकी इंचार्ज विजय नारायण शुक्ला का कहना है कि यदि एसयूवी की रफ्तार तेज न होती तो दोनों युवकों की जान बच जाती। उनका कहना है कि विशाल शुक्ला अनियंत्रित रफ्तार से गाड़ी चला रहा था। तेज रफ्तार होने के चलते विशाल गाड़ी संभाल नहीं सका और एसयूवी हाईवे किनारे खड़े ट्रक में जा घुसी।
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युवकों की मौत से मचा कोहराम
बेटों की मौत की सूचना से जिला अस्पताल पहुंचे परिवारीजनों में कोहराम मच गया। मृतक विशाल शुक्ला के पिता प्रमोद शुक्ला का कहना था कि बेटे ने कहा था कि जल्द घर लौट आऊंगा। जानता कि बेटा अब कभी नहीं लौटेगा तो उसे बारात न जाने देता। इसी तरह मृतक पवन कुमार के परिवारीजन भी गमजदा थे। आंसुओं को नहीं रोक पा रहे थे।