अमोल विहार कॉलोनी में हुई घटना से हड़कंप
रायबरेली। रायबरेली विकास प्राधिकरण (आरडीए) की ओर से सई नदी किनारे बनवाए जा रहे अमोल विहार कॉलोनी के निर्माणाधीन फ्लैट की पांचवीं मंजिल से गिरकर एक श्रमिक की मौत हो गई। छत से करीब 45 फुट नीचे गिरने से श्रमिक का शरीर क्षतविक्षत हो गया।
बताया जाता है कि निर्माणाधीन भवन में काम करने वाले श्रमिकों को सेफ्टी किट नहीं उपलब्ध कराई गई है। मनमाने ढंग से कार्य कराया जा रहा है। इसी वजह से यह घटना घटी। इससे लोगों में नाराजगी भी है। सूचना पर सदर कोतवाल ने पहुंचकर घटना की जांच की।
शहर की इंदिरा नगर चौकी से कुछ दूरी पर अमोल विहार कॉलोनी में भवन निर्माण कार्य चल रहा है। नसीराबाद थाना क्षेत्र के महमदपुर नमकसार गांव निवासी बनवारीलाल (38) निर्माणाधीन भवन में मजदूरी कर रहा था। बताते हैं कि रविवार की रात पांचवीं मंजिल पर वह सो रहा था।
रात में किसी कार्य के लिए नीचे उतर रहा था। इसी दौरान वह नीचे गिर गया और उसकी मौत हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना सीढ़ी के श्रमिक नीचे उतर रहा था। इस वजह से हादसा हुआ। सीढ़ी उपलब्ध नहीं कराई गई थी।
घटना की सूचना पर मौके पर पहुंचे परिवारीजनों में कोहराम मच गया। सदर कोतवाल अतुल सिंह का कहना है कि फ्लैटों का निर्माण ठेकेदार हाशिम करा रहा है। पांचवीं मंजिला फ्लैट से गिरकर श्रमिक की मौत हुई है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। परिवारीजनों की तहरीर के आधार पर मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।
जान हथेली पर रखकर कार्य कर रहे श्रमिक
अमोल विहार कॉलोनी में बन रहे भवनों के निर्माण में लगाए गए श्रमिक जान हथेली पर रखकर कार्य कर रहे हैं। कुछ मजदूर तो घर चले जाते हैं कुछ मजदूर यहीं पर रात में रुक जाते हैं। रात में रुकने वाले मजदूरों के लिए कोई प्रबंध नहीं किए गए हैं।
कहा जा रहा है कि श्रमिकों का पंजीयन तक नहीं है। सेफ्टी किट की व्यवस्था नहीं कराई गई है। नाम न छापने की शर्त पर कुछ श्रमिकों का कहना है कि काम करने वाले मजदूरों के लिए सुरक्षा के कोई प्रबंध नहीं किए गए हैं। ठेकेदार की यही लापरवाही रही तो आगे भी इस तरह के हादसे होते रहेंगे।
अमोल विहार में निर्माणाधीन फ्लैट की छत पर कई श्रमिक सो रहे थे। इसी दौरान एक श्रमिक किसी काम के लिए उठा तो शरीर का संतुलन बिगड़ जाने के कारण नीचे गिर गया, जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई। फ्लैट निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों को सेफ्टी किट उपलब्ध कराने के निर्देश ठेकेदार को दिए गए हैं। यदि ऐसा नहीं किया गया तो जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
-एके राय, सचिव, आरडीए