गुल रही 14 घंटे बत्ती, एक लाख लोग हुए परेशान
रायबरेली। आंधी आने से गुरुवार रात पेड़ की डाल 33 केवी लाइन पर गिरने से विद्युत तार टूट गए। इससे जगतपुर क्षेत्र के एक लाख से ज्यादा लोग 14 घंटे अंधेरे में रहे। इससे उन्हें पेयजल संकट का भी सामना करना पड़ा। शुक्रवार को दोपहर बाद बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी।
जगतपुर ब्लॉक क्षेत्र की करीब सवा लाख आबादी है। उपकेंद्र में आए दिन कोई न कोई खराबी बनी रहती है। फीडर ओवरलोड के चलते उपभोक्ताओं को लो-वोल्टेज की समस्या से जूझना पड़ता है।
वहीं आंधी आने से गुरुवार रात करीब 12 बजे आंधी आने के दौरान सान्हू कुआं के पास आम के पेड़ की डाल 33 केवी लाइन में गिर गई। इससे पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति गुल हो गई। गर्मी में लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है।
शुक्रवार दोपहर दो बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। लक्ष्मीकांत पांडेय, मनोज कुमार, सुभाष यादव, देवनाथ यादव, आदित्य तिवारी ने बताया कि लाइनों पर पेड़ की डालें रखी है। इससे आए दिन फॉल्ट बना रहता है।
ट्री-कटिंग के नाम पर लाखों रुपये खर्च हो जाते हैं, लेकिन हकीकत में ट्री-कटिंग नहीं कराई जाती है। इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है। ब्लॉक क्षेत्र में करीब आठ पानी की टंकियां है।
फॉल्ट आने से पानी की टंकियों में पानी नहीं भर पाया। इससे सुबह जलापूर्ति नहीं हो सकी। भीषण गर्मी में लोगों को पेयजल की किल्लत से जूझना पड़ा है।
ऊंचाहार में गुरुवार रात को आंधी आने से अमावां से आने वाली 33 केवी लाइन समेत सभी फीडरों में फॉल्ट आने से आपूर्ति ठप हो गई। इससे पूरे क्षेत्र की बत्ती गुल हो गई।
क्षेत्र के उपकेंद्र तहसील, ऊंचाहार नगर, इटौरा बुजुर्ग , रोहनियां को को आने वाली 33 केवी लाइन में फॉल्ट आ गया। कहीं पर तार टूटे गए तो कहीं पर पेड़ की डालें गिर गई। इससे रात में बिजली आपूर्ति बंद रही।
ऊंचाहार तहसील से जुड़े ग्रामीण उपभोक्ताओं को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। अन्य फीडरों की आपूर्ति तो बहाल हो गई, लेकिन लक्ष्मीगंज और जमुनापुर फीडर दिन भर बिजली आती-जाती रही।
एक्सईएन ऊंचाहार धर्मराज ने कहा कि आंधी आने से कई जगह फॉल्ट आया था। 33 केवी लाइन में पेड़ की डाल गिरने से तार टूट गए थे, जिसकी वजह से आपूर्ति बंद थी। दोपहर में तारों को जोड़वाकर आपूर्ति बहाल करा दी गई है। अवर अभियंताओं को ट्री कटिंग के निर्देश दिए हैं।