जिले में खोलें जाएंगे 26 गो-आश्रय केंद्र
रायबरेली। छुट्टा घूम रहे मवेशियों से राहत दिलाने की तैयारी शुरू हो गई है। जिले में 26 गोआश्रय केंद्र खोले जाएंगे। इन केंद्रों पर घूम रहे जानवरों को रखा जाएगा, जहां पर उनके लिए हरे चारे, पानी आदि के इंतजाम किए जाएंगे। इनके बनने से जिले के करीब दो लाख किसानों को फायदा मिलेगा।
पशुपालन विभाग के अफसरों की मानें तो गोआश्रय केंद्र में पानी के बेहतर इंतजाम होंगे। इसके लिए समरसेबुल कराया जाएगा। भूसा गोदाम बनाया जाएगा। साथ ही पशुओं की देखरेख के लिए स्टाफ की भी तैनाती की जाएगी। जो जानवर क्षेत्र में छुट्टा घूम रहे हैं, उन्हें पकड़कर इन्हीं गोआश्रय केंद्रों में रखा जाएगा।
छुट्टा जानवरों से किसान परेशान हैं। जानवर न सिर्फ उनकी फसल को चट कर रहे हैं, बल्कि अपनी फसल बचाने के लिए उन्हें खेत में रात काटनी पड़ रही हैं। इससे किसानों को फसल लागत निकालना मुश्किल है। शासन से आए आदेश के बाद अब यहां पर गोआश्रय केंद्र खोलने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
कुल 26 स्थानों पर गोआश्रय केंद्र खोलने के लिए हरी झंडी दे दी गई है। किस ब्लॉक में कितने गोआश्रय केंद्र खोले जाने हैं, इसका खाका तैयार कर लिया गया है। जमीन भी चिह्नित कर लिया गया है। जल्द निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया जाएगा। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. गजेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि छुट्टा जानवरों से किसानों को राहत दिलाने के लिए जिले में 26 गोआश्रय केंद्र खोले जाएंगे।